हड़ताली एएनएम ने सिविल सर्जन को बनाया बंधक

Updated at :30 Jun 2017 8:55 AM
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हड़ताली एएनएम ने सिविल सर्जन को बनाया बंधक

संस्थागत प्रसव में शून्य उपलब्धि और काम में लापरवाही के आरोप में स्थानांतरित की गयीं एएनएम आंदोलनरत हैं. वे इस संबंध में प्रस्तुत किये गये आंकड़े को गलत बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रही हैं. गुरुवार को उपायुक्त के साथ उनकी वार्ता विफल हो गयी. इससे पूर्व उन्होंने उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में […]

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संस्थागत प्रसव में शून्य उपलब्धि और काम में लापरवाही के आरोप में स्थानांतरित की गयीं एएनएम आंदोलनरत हैं. वे इस संबंध में प्रस्तुत किये गये आंकड़े को गलत बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रही हैं. गुरुवार को उपायुक्त के साथ उनकी वार्ता विफल हो गयी. इससे पूर्व उन्होंने उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में जमकर हंगामा किया.
गिरिडीह : स्थानांतरण के विरोध में धरना पर बैठीं एएनएम ने गुरुवार को सिविल सर्जन का घेराव किया. दोपहर करीब एक बजे से तीन बजे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा. इससे स्वास्थ्य विभाग का कार्य प्रभावित हो गया. स्वास्थ्य निदेशक की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी उन्हें जाने नहीं दिया गया. इससे स्वास्थ्य विभाग के कई कार्य प्रभावित रहे. जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में होनेवाली प्रसव पूर्व जांच एवं टीकाकरण प्रभावित हुआ है. इसके अलावा वैसे स्वास्थ्य उप केंद्रों में ताला लटक रहा है जहां सिर्फ एएनएम पदस्थापित थीं.
इन केंद्रों में मरीज आकर वापस लौट जा रहे हैं. हड़ताली एएनएम का कहना है कि वे किसी भी हाल में स्थानांतरित केंद्र पर योगदान नहीं देगी. कहा कि जबतक स्थापना समिति को सौंपे गए प्रतिवेदन की जांच पङताल कर इसमें दोषी लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलनकारियों ने कहा है कि जिला प्रशासन के स्थानांतरण संबंधी किसी भी आदेश का वह तबतक पालन नहीं करेंगी जबतक इस आदेश को रद्द नहीं कर दिया जाता. इधर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के स्थापना को लेकर होने वाले वीसी में जाने के लिए सिविल सर्जन डाॅ कमलेश्वर प्रसाद को कार्यालय बाहर नहीं निकलने दिया गया. उन्हें कार्यालय में ही बंधक बनाकर रखा गया. मौके पर बड़ी संख्या में एएनएम मौजूद थी.
पहले योगदान करें तब सुनी जाएंगी मांगें : उपायुक्त
स्थानांतरण के बाद हड़ताल पर गयीं एएनएम का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त उमाशंकर सिंह से मिला. एएनएम के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने उपायुक्त के समक्ष अपनी मांगें रखीं.
इस मामले पर उपायुक्त श्री सिंह ने हा कि पहले सभी स्थानांतरित एएनएम स्थानांतरण आदेश को स्वीकार करते हुए नए स्थानों पर योगदान करें तभी उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि उपायुक्त ने यह भी भरोसा दिलाया है कि एएनएम के संबंध में भेजे गए रिपोर्ट में यदि कोई त्रुटि है या मनमानी की गयी है तो उसकी भी जांच करायी जाएगी और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उपायुक्त के इस तेवर को देख वार्ता के लिए गया प्रतिनिधिमंडल लौट आया. उपायुक्त से वार्ता के लिए गए प्रतिनिधिमंडल में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह, जिला मंत्री अशोक कुमार सिंह नयन, राजीव रंजन सिंह, एएनएम कल्पना सिंह और नीलम कुमारी शामिल थी. इधर हड़ताली एएनएम ने कहा कि द्वितीय चरण में मुख्यमंत्री के गिरिडीह आगमन पर सभी एएनएम काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगी. इसके बाद भी न्याय नहीं मिलने पर 4 जुलाई को सभी एएनएम उपायुक्त कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू करेगी. यह अनशन तबतक जारी रहेगा जबतक उनकी मांगें नहीं मान ली जाती हैं.
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