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विद्यालय में कोई वार्डन नहीं, छात्राओं व अभिभावकों में असुरक्षा का भाव

Updated at : 11 Sep 2024 9:37 PM (IST)
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विद्यालय में कोई वार्डन नहीं, छात्राओं व अभिभावकों में असुरक्षा का भाव

विद्यालय में कोई वार्डन नहीं, छात्राओं व अभिभावकों में असुरक्षा का भाव

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बरडीहा प्रखंड मुख्यालय के एकांत इलाके में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पिछले 26 दिनों से कोई वार्डन नही है. इधर विद्यालय की 200 छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा एकमात्र महिला गार्ड पर है. स्थानीय लोगों के अनुसार बरडीहा का कस्तूरबा विद्यालय भगवान भरोसे चल रहा है. हालिया घटना के बाद अभिभावकों में भय का वातावरण है. बताया जा रहा है कि पढ़ाई के नाम पर कक्षा 10 तक की छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र पांच शिक्षक हैं. उल्लेखनीय है कि सरकार के खेलो झारखंड, कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को दो विद्यालय के छात्राओं के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद बाहरी छात्र कस्तूरबा विद्यालय में घुस आये और पत्थरबाजी की. इसमें विद्यालय की 10 छात्राएं घायल हो गयी थी. उन्हें मझिआंव रेफरल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था. इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कस्तूरबा विद्यालय में वार्डन नियुक्त होती, तो संभवतः पत्थरबाजी की घटना नहीं होती.

नयी वार्डन ने दिया इस्तीफा : विद्यालय की महिला गार्ड आशा देवी ने बताया कि 14 अगस्त को गंभीर आरोप लगने के बाद वार्डन को हटा दिया गया है. इसके बाद जब दूसरे वार्डन को भेजा गया, तो वह भी दो दिन के अंदर इस्तीफा देकर चली गयी. इस कारण वह और दो रसोइया सहित कुल तीन महिलाएं ही विद्यालय में चौबीस घंटे छात्राओं की सुरक्षा में हैं. एक छात्रा के अभिभावक ने बताया कि 14 अगस्त की रात में पूर्व वार्डन एवं आपूर्तिकर्ता की आपत्तिजनक स्थिति के बाद वे लोग अपनी बच्चियों को घर ले जा रहे थे. लेकिन उन्हें नहीं ले जाने दिया गया. थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया था कि बच्चियों की सुरक्षा का पूरा जिम्मा उनका है. लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नही निभायी और विद्यालय में दूसरी बार अराजक स्थिति उत्पन्न हो गयी. इसमें विद्यालय की 10 छात्राएं घायल हुई हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे वार्डेन के चले जाने के बाद न तो पुनः वार्डन भेजा गया और न बच्चियों की सुरक्षा का कोई ध्यान रखा गया. इस वजह से वे अपनी बच्चियों को असुरक्षित नही छोड़ सकते हैं.

छात्राओं के हित से कोई समझौता नही : सीओ

घायल छात्राओं के देखने रेफरल अस्पताल मझिआंव आये बरडीहा बीडीओ सह सीओ राकेश सहाय ने कहा कि बच्चियों को पत्थर मारकर घायल किया गया है. इस बारे में थाना प्रभारी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने इस घटना की निंदा की ओर कहा कि छात्राओं के हित से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.

नया वार्डन भेजा गया है : डीइओ

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने बताया कि चिनिया कस्तूरबा विद्यालय से कंचना कुमारी को बरडीहा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में वार्डन के पद पर नियुक्त कर दिया गया है. वह बुधवार को ही बरडीहा में योगदान दे देंगी. पिछले 26 दिनों से बिना वार्डन के चल रहे बरडीहा कस्तूरबा विद्यालय के बारे में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि इंटेरियर स्थान और वहां 14 अगस्त को हुई घटना के बाद से शिक्षिकाएं डरी हुई हैं. वे वार्डन की जिम्मेवारी उठाने से डरती हैं. उन्होंने कहा कि नजदीक में थाना है इसलिए उन्हें कोई भय नहीं होना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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