यूजीसी का उद्देश्य सराहनीय, परंतु विनियमों में स्पष्टता और संतुलन आवश्यक : अभाविप

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यूजीसी का उद्देश्य सराहनीय, परंतु विनियमों में स्पष्टता और संतुलन आवश्यक : अभाविप

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 के मूल उद्देश्यों की सराहना करती है,

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गढ़वा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 के मूल उद्देश्यों की सराहना करती है, परंतु इन विनियमों में स्पष्टता और संतुलन अत्यंत आवश्यक है. उक्त बातें अभाविप के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि अभाविप का मानना है यूजीसी तथा सभी शैक्षणिक संस्थानों को लोकतंत्र में अंतर्निहित भावना को अक्षुण्ण रखना चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक के पास समान अधिकार हों और भारत भेदभाव मुक्त तथा समता युक्त बने. अभाविप सदैव ही शैक्षिक परिसरों में सकारात्मक और समतायुक्त परिवेश बनाने की दिशा में कार्य करती रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन की पक्षधर रही है. आगामी वर्षों में ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को सिद्ध करने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है. वर्तमान में इस विनियम के कुछ प्रावधानों और शब्दावली को लेकर समाज, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच जो अस्पष्टता और भ्रांतियाँ उत्पन्न हो रही हैं, इनपर यूजीसी को त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की विभाजनकारी स्थिति उत्पन्न न हो सके.

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Vikash Nath

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