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Garhwa Vidhan Sabha: गढ़वा में मि‌थिलेश ठाकुर का घमासान सत्येंद्र तिवारी से

Updated at : 23 Nov 2024 9:45 AM (IST)
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Garhwa Vidhan Sabha Jharkhand Assembly Election 2024

गढ़वा ने 4 चुनावों में इन लोगों को चुना अपना विधायक.

Garhwa Vidhan Sabha: झारखंड के गढ़वा विधानसभा सीट पर एक पार्टी को लगातार 2 बार कभी जीत नहीं मिली. जेएमएम के मिथिलेश कुमार ठाकुर को मिले सबसे अधिक वोट.

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Garhwa Vidhan Sabha|Jharkhand Assembly Elections: झारखंड का गढ़वा विधानसभा क्षेत्र गढ़वा जिले में आता है. इस विधानसभा क्षेत्र की विशेषता यह है कि अब तक के चुनावों में हर बार मतदाताओं ने अलग पार्टी के उम्मीदवार को अपना विधायक चुना है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि गढ़वा के वोटर ने हर बार अलग पार्टी के उम्मीदवार को क्षेत्र की सेवा करने का मौका दिया है. इस बार मैदान में जेएमएम से मिथिलेश कुमार ठाकुर और बीजेपी से सत्येंद्र नाथ तिवारी हैं.

गढ़वा विधानसभा में 4 चुनावों में 4 पार्टियों को मिली जीत

अलग झारखंड राज्य बनने के बाद अब तक 4 बार झारखंड विधानसभा चुनाव हुए हैं. इन 4 विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी के नेता को लगातार 2 बार विधायक नहीं चुना गया. सत्येंद्रनाथ तिवारी लगातार 2 बार जीते, लेकिन दोनों बार वह अलग-अलग पार्टी के टिकट पर चुनकर झारखंड विधानसभा पहुंचे. इस सीट से एक बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), एक बार झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी), एक बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एक बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके हैं.

झामुमो के टिकट पर 2019 में विधायक चुने जाने के बाद हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री बने मिथिलेश कुमार ठाकुर.

2019 में पहली बार जीता झारखंड मुक्ति मोर्चा

2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपना झंडा लहराया था. इस चुनाव में झामुमो की ओर से मिथिलेश कुमार ठाकुर चुनाव मैदान में थे. उनको कुल 1 लाख 6 हजार 681 वोट मिले थे. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने वाली दूसरे नंबर की पार्टी थी. बीजेपी के सत्येंद्र नाथ तिवारी को इस चुनाव में 83,159 वोट मिले थे. साथ ही, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे बीरेंद्र प्रसाद तीसरे स्थान पर थे. उनको इस चुनाव में कुल 10,638 वोट मिले थे.

जेवीएम-पी और बीजेपी के टिकट पर 2 बार गढ़वा के विधायक बने इकलौते नेता हैं सत्येंद्र नाथ तिवारी.

2014 में बीजेपी ने मारी बाजी, फिर जीते सत्येंद्र तिवारी

वर्ष 2014 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा निर्वाचन क्षेत्र से कुल 23 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे थे. इसमें एक महिला भी थी. चुनाव में बीजेपी पर लोगों ने अपना भरोसा जताया और सत्येंद्र नाथ तिवारी को एक बार फिर अपना विधायक चुना. उन्हें 75,196 वोट मिले. आरजेडी दूसरे नंबर पर रही. उसके उम्मीदवार गिरिनाथ सिंह को कुल 53,441 वोट मिले थे. झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर तीसरे नंबर पर रहे थे. उनको कुल 47,579 वोट मिले थे.

गढ़वा विधानसभा का मानचित्र.

2009 में सभी दलों पर भारी जेवीएम-पी के सत्येंद्र तिवारी

वर्ष 2009 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा निर्वाचन क्षेत्र में एक महिला समेत 26 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था. इस चुनाव में बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) ने सत्येंद्र नाथ तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया था. सत्येंद्र नाथ तिवारी को सबसे अधिक 50,474 वोट मिले. वह पहली बार गढ़वा के विधायक चुने गए. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कद्दावर नेता गिरिनाथ सिंह चुनाव हार गए. उन्हें 40,412 वोट मिले. तीसरे नंबर पर झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर रहे थे. इस चुनाव में उनको मात्र 14,180 वोट ही मिल पाए थे.

2005 में आरजेडी के टिकट पर गढ़वा विधानसभा चुनाव जीतने वाले गिरिनाथ सिंह अब भाजपा के नेता हैं.

लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने सबको धूल चटायी

वर्ष 2005 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा विधानसभा सीट पर 21 उम्मीदवार चुनाव के मैदान में थे. लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी ने यहां जीत का परचम लहराया था. गिरिनाथ सिंह को 34,374 वोट मिले थे. नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दूसरे नंबर पर रही थी. जेडीयू के उम्मीदवार सेराज अहमद अंसारी को 25,841 वोट मिले थे. बहन मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के अनिल साव 18225 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे.

झारखंड विधानसभा चुनाव कब होगा

झारखंड विधानसभा चुनाव वर्ष 2024 के अंत में होगा. अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2019 की तरह ही इस बार भी नवंबर-दिसंबर में झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 कराए जाएंगे.

झारखंड विधानसभा के चुनाव कैसे होंगे

झारखंड में विधानसभा के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे. सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीनें भी लगाई जाएंगी. इसके लिए निर्वाचन आयोग पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के इंतजाम करती है.

झारखंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना कब जारी हुई

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की अधिसूचना 6 नवंबर 2019 को जारी हुई थी. दूसरे चरण की अधिसूचना 11 नवंबर, तीसरे चरण की अधिसूचना 16 नवंबर, चौथे चरण की अधिसूचना 22 नवंबर और पांचवें एवं अंतिम चरण की अधिसूचना 26 नवंबर 2019 को जारी की गई थी.

झारखंड विधानसभा चुनाव कब है

झारखंड विधानसभा चुनाव इसी साल होंगे. 5 जनवरी 2025 तक विधानसभा का कार्यकाल है. इसलिए इसके पहले झारखंड में इलेक्शन हो जाएगा. अक्टूबर में चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है, ऐसा संकेत झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रवि कुमार दे चुके हैं. नवंबर और दिसंबर में झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 हो जाने की उम्मीद है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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