दानरो नदी तट के गांवों में बनेंगे दानरो क्लब

Published by :SANJAY
Published at :11 Jun 2025 9:48 PM (IST)
विज्ञापन
दानरो नदी तट के गांवों में बनेंगे दानरो क्लब

दानरो नदी तट के गांवों में बनेंगे दानरो क्लब

विज्ञापन

गढ़वा.

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को कॉफी विद एसडीएम में गढ़वा सदर अनुमंडल क्षेत्र के उन 20 गांवों का प्रतिनिधित्व करते हुए 40 लोग पहुंचे थे, जो दानरो नदी के किनारे बसे हैं. जिला परिषद सदस्य, ब्लाक प्रमुख, मुखिया, बीडीसी सहित आम नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी भी शामिल रहे. एसडीओ ने दानरो किनारे बसे 28 गांवों में से प्रत्येक गांव के दो-दो लोगों को आमंत्रित किया था, हालांकि 28 में से 20 गांव के लोग ही कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस दौरान अभी से लेकर अगले वर्ष पर्यावरण दिवस तक चलने वाले विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के रूप में दानरो महोत्सव की शुरुआत का प्रस्ताव लाया गया. सभी ने सर्वसम्मति से एसडीएम के इस प्रस्ताव का समर्थन किया. इसके बाद बुधवार से औपचारिक रूप से दानरो महोत्सव का शुभारंभ किया गया.

होंगे विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम : एसडीएम और नागरिकों के साथ हुए इस अनौपचारिक संवाद के दौरान निर्णय लिया गया कि सभी 28 गांव में वृक्षारोपण, नदी स्वच्छता व गंगा आरती जैसी गतिविधियां आयोजित की जायेगी. वहीं खुले में शौच के विरुद्ध अभियान, अवैध बालू उठाव के विरुद्ध अभियान, नदी अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान जैसे कई प्रयास नागरिक प्रशासनिक सहयोग से किये जायेंगे.

सभी गांव में गठित होंगे दानरो क्लब : बैठक में तय किया गया कि दानरो के तटीय इलाकों में अवस्थित सभी गांव में दानरो क्लब नाम से स्थानीय समितियां बनायीं जायेंगी. ये समितियां ही विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों एवं अभियानों को स्थानीय स्तर पर संचालित करेंगी. हर गांव के क्लब अपने गांव के अंतर्गत आने वाली नदी की स्वच्छता व नदी के संरक्षण का जिम्मा लेंगे. इस ग्राम स्तरीय क्लब में कम से कम 20 सदस्य होंगे. हालांकि इन सदस्यों की संख्या 20 से अधिक कितनी भी हो सकती है.

बैठक में आये विभिन्न सुझाव : अनुमंडल क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे लोगों ने दानरो नदी संरक्षण की दिशा में उठाये जा रहे इस कदम का न केवल स्वागत किया बल्कि दानरो महोत्सव जैसे वृहत जागरूकता अभियानों को समसामयिक जरूरत भी बतायी. सभी ने अपने-अपने सुझाव भी दिये. कल्याणपुर के मुखिया अशोक कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि वह इसी नदी के किनारे पले बढ़े हैं. अब इसको बचाये रखने की जिम्मेदारी भी हम लोगों की है. उन्होंने ग्राम जल स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी के किनारों को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चलाने का सुझाव दिया.

हमारे लिए दानरो नदी गंगा से कम नहीं : टंडवा की पूर्व पार्षद सविता देवी ने कहा कि दानरो नदी उनके लिए गंगा से कम नहीं है. वह बहुत खुश हैं कि इस अभियान का हिस्सा बन रही है.जाटा गांव की मालती देवी ने कहा कि यह बहुत ही कारगर कदम है. वह अपने स्तर से 20 लोग इस अभियान से जोड़ेंगी. छतरपुर पंचायत की मुखिया संगीता देवी ने कहा कि वह अपने गांव में समिति बनाकर नदी के संरक्षण का प्रयास करेंगी. डंडई के मिथिलेश कुमार ने कहा कि दानरो एक जीवंत नदी है. यह कभी मृत न होने पाये, इसकी चिंता सभी को करनी है. भरटिया निवासी संजय चौधरी ने कहा कि नदी तटों पर पौधारोपण कर अस्थायी बांस-बल्ली से छोटे-छोटे बगीचे बनाये जा सकते हैं. नदी का सौंदर्यीकरण होने से वहां रौनक रहेगी. कोरवाडीह मुखिया शरीफ अंसारी ने कहा कि मनरेगा के तहत कई ऐसी योजनाएं ली जा सकतीं हैं, जो नदी तटों को बेहतर कर सकती हैं. सहिजना के पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंहा ने सभी से इस अभियान से जुड़ने की अपील की. विनोद पाठक ने कहा कि यह काम निश्चित रूप से थोड़ा कठिन है किंतु हम सभी को इसे चुनौती के रूप में लेना है और दानरो महोत्सव को वर्ष भर सतत चलाये रखते हुए नदी संरक्षण की दिशा में सुखद बदलाव के भागीदार बनना है.

हर गांव के अंतर्गत आने वाली नदी का सीमांकन होगा : गढ़वा अंचल अधिकारी सफी आलम ने कहा कि वह हर गांव के अंतर्गत आने वाली नदी का सीमांकन कर देंगे ताकि वहां के लोगों को अपने हिस्से की नदी संरक्षण के लिए आसानी हो. डंडई के अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली ने सदर एसडीएम द्वारा शुरू किये गये दानरो महोत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए अपने अंचल क्षेत्र के नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की.

इन्होंने भी विचार व्यक्त किये : उपरोक्त के अलावा मुखिया बसंत चौबे, मोहन पासवान, दीनानाथ चौबे, रामाशंकर चौबे, शफीक अंसारी, प्रमुख फैजुल्ला अंसारी, करकोमा मुखिया बीरेंद्र तिवारी, गेरूआ के अनिल चौधरी, संतोष चौबे, सोनिया देवी, संजय चौधरी, चंदन पासवान, जयप्रकाश तिवारी, पंकज तिवारी, अशोक शर्मा, लक्ष्मी देवी, राजेश यादव व संजय चंद्रवंशी ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

इन गांवों की रही सहभागिता : बैठक में देवगाना, गेरुआ, तिसरटेटुका, कोरवाडीह, टंडवा, जाटा, नवाडीह, छतरपुर, कल्याणपुर, डंडई, सहिजना, झलुवा, मधेया, भरटिया, हूर, फरटिया, करकोमा, खुटैलिया व करमडीह गांवों के लोगों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJAY

लेखक के बारे में

By SANJAY

SANJAY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola