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तुलसीदामर डोलोमाइट खदान से 40 साल बाद सीआइएसएफ की विदाई

Updated at : 31 Jan 2026 9:33 PM (IST)
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तुलसीदामर डोलोमाइट खदान से 40 साल बाद सीआइएसएफ की विदाई

खदान की सुरक्षा में 1985 से तैनात थी सीआइएसएफ, खर्च कटौती के लिए लिया गया फैसला

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खदान की सुरक्षा में 1985 से तैनात थी सीआइएसएफ, खर्च कटौती के लिए लिया गया फैसला विजय सिंह, भवनाथपुर (गढ़वा) भवनाथपुर के तुलसीदामर डोलोमाइट खदान समूह की सुरक्षा व्यवस्था में लंबे दौर के बाद शनिवार को बदलाव हुआ है. खदान की सुरक्षा की कमान पिछले 40 वर्षों से संभाल रही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की कंपनी की शनिवार को विदाई हो गयी. अब रविवार से सेल प्रबंधन की सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड के जवानों के हाथों में होगी. यह खदान की सुरक्षा में तीसरा सबसे बड़ा बदलाव है. सबसे पहले बीएमपी और फिर सीआइएसएफ ने खदान की सुरक्षा का कमान संभाला और अब होम गार्ड के हाथों यह जिम्मेदारी होगी. अविभाजित बिहार के समय 1985 तक बीएमपी ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली. इसके बाद 1985 से 2025 तक लगातार 40 वर्षों तक यहां सीआइएसएफ तैनात रही. बता दें कि सीआइएसएफ की इस कंपनी को दिल्ली, प्रयागराज व नवीनगर में स्थानांतरित किया गया है. खदानें बंद होने से घटी सुरक्षा की जरूरत तुलसीदामार डोलोमाइट खदान और घाघरा चूना पत्थर खदान क्रमशः 2020 और 2014 से ही बंद पड़ी हैं. वर्ष 2025 में क्रशिंग प्लांट और पाघरा रिपेयर शॉप की नीलामी के बाद सुरक्षा की जरूरत कम हो गयी थी. इसके बाद प्रशासनिक भवन को भी माइंस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. विदाई का इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर स्थानीय बाजार पर असरः करीब 80 जवानों के जाने से स्थानीय दुकानदारों में मायूसी है. जवानों की दैनिक खरीदारी से बाजार में रौनक रहती थी, जो अब फीकी पड़ने की आशंका है. सुरक्षा पर सवालः क्रशिंग प्लांट क्षेत्र में अब भी लाखों का स्क्रैप पड़ा है और होमगार्ड के जवान प्लांट एरिया में सुरक्षा नहीं देंगे. ऐसे में स्क्रैप चोरी होने का खतरा बढ़ गया है. आर्थिक बोझ कम होगाः सीआइएसएफ की एक कंपनी पर सेल प्रबंधन हर महीने करीब एक करोड़ रुपये खर्च करता था. होमगार्ड की तैनाती से इस खर्च में भारी कमी आयेगी. हमने 40 वर्षों तक ईमानदारी से सुरक्षा प्रदान की. यहां के लोगों से पारिवारिक जुड़ाव हो गया था. जाने का मलाल है, लेकिन नौकरी में स्थानांतरण एक प्रक्रिया है सौरभ राठी, सहायक समादेष्टा, सीआईएसएफ शनिवार, 31 जनवरी से सीआइएसएफ का कार्यकाल यहां समाप्त हो गया है. रविवार (1 फरवरी) से सेल की सुरक्षा की कमान होमगार्ड के जवान संभालेंगे. बुल्लू दिगगल, कार्मिक प्रबंधक सह भू-संपदा पदाधिकारी

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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