पुरानी परंपरा कुपोषण दूर करने में सहायक : डीडीसी

Published at :08 Sep 2016 12:00 AM (IST)
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पुरानी परंपरा कुपोषण दूर करने में सहायक : डीडीसी

पुरानी परंपरा कुपोषण दूर करने में सहायक : डीडीसीजिला स्तरीय पोषण सप्ताह सह कार्यशाला का आयोजन 8जीडबलूपीएच14 – उदघाटन करते डीडीसी8जीडब्लूपीएच 15-गोद भराई की रस्म के दौरान गर्भवती महिलाएंप्रतिनिधि4गढ़वा. राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला सह पोषाहार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया़ सामुदायिक भवन वन विभाग परिसर में आयोजित इस कार्यशाला […]

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पुरानी परंपरा कुपोषण दूर करने में सहायक : डीडीसीजिला स्तरीय पोषण सप्ताह सह कार्यशाला का आयोजन 8जीडबलूपीएच14 – उदघाटन करते डीडीसी8जीडब्लूपीएच 15-गोद भराई की रस्म के दौरान गर्भवती महिलाएंप्रतिनिधि4गढ़वा. राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला सह पोषाहार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया़ सामुदायिक भवन वन विभाग परिसर में आयोजित इस कार्यशाला में बेहतर पोषण के लिए जीवन चक्र दृष्टिकोण विषय पर प्रकाश डाले गये़ जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उदघाटन उप विकास आयुक्त जगत नारायण प्रसाद व जिला परिषद उपाध्यक्ष रेखा चौबे ने संयुक्त रूप से किया़ कार्यक्रम के दौरान 10 महिलाओं का गोद भराई की रस्म व 10 बच्चों का अन्नप्रासन संस्कार कराया गया़ वहीं पोषाहार प्रदर्शनी में बेहतर पोषाहार का प्रदर्शन करनेवाली सेविकाओं को पुरस्कृत किया गया़ कार्यक्रम में बोलते हुए डीडीसी जगत नारायण प्रसाद ने कहा कि पुराने समय से कुपोषण दूर करने के लिए जो परंपराएं चली आ रही हैं, वह विज्ञान के करीब है़ झारखंड में 122 तरह की साग पायी जाती है़ देश के अन्य किसी राज्य में इतने विविधि प्रकार के साग नहीं पायी जाती़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं व बच्चों को भी इस साग का सेवन कराना चाहिए. इससे कुपोषण से मुक्ति मिलेगी़ उन्होंने कहा कि महेंगे फल, मेवे आदि का सेवन कुपोषण दूर करने के लिए जरूरी नहीं है़ वर्तमान बरसात के मौसम में गांवों में कई साग-सब्जियां बिना किसी मेहनत व लागत के उत्पादित हो जाती है़ं. उसका सेवन करने की जरूरत है़ इस अवसर पर उपाध्यक्ष रेखा चौबे ने कहा कि महिलाओं को अपनी सेहत का ख्याल रखना आवश्यक है़ महिलाएं स्वस्थ रहेंगी, तभी उस पर निर्भर बच्चा व परिवार स्वस्थ रहेगा़ गढ़वा एसडीओ राकेश कुमार ने संबोधित किया. इस अवसर पर समाज कल्याण पदाधिकारी मधुश्री मिश्रा, जिला योजना पदाधिकारी अरुण द्विवेदी, जिला शिक्षा अधीक्षक बृजमोहन कुमार, डीपीएम आशुतोष मिश्रा, डॉ दिनेश सिंह, यूनिसेफ के जिला समन्वयक अजय मिश्रा ने भी विचार रखे़ कार्यक्रम को सफल बनाने में बाल संरक्षण आयोग के अशोक नायक, सीडीपीओ अर्चना सिन्हा, पर्यवेक्षिका प्रतिमा कुमारी, राणा तब्बसुम, मधु चौबे, बाल मुकुंद सिन्हा ने सक्रिय योगदाना दिया़

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