सरकारी स्कूल में पूजा करने से रोका, तनाव

Published at :14 Feb 2016 8:09 AM (IST)
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सरकारी स्कूल में पूजा करने से रोका, तनाव

चार घंटे बाद पीपल पेड़ के नीचे की गयी पूजा मझिआंव (गढ़वा) : बरडीहा प्रखंड स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बभनी में एक गुट के लाेगाें ने सरस्वती पूजा करने से राेक दिया. इससे तनावपूर्ण स्थिति बन गयी. सूचना पर पुलिस बल के साथ पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र नारायण सिंह माैके पर पहुंचे. बरडीहा बीडीओ सुदर्शन मुरमू […]

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चार घंटे बाद पीपल पेड़ के नीचे की गयी पूजा
मझिआंव (गढ़वा) : बरडीहा प्रखंड स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बभनी में एक गुट के लाेगाें ने सरस्वती पूजा करने से राेक दिया. इससे तनावपूर्ण स्थिति बन गयी. सूचना पर पुलिस बल के साथ पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र नारायण सिंह माैके पर पहुंचे. बरडीहा बीडीओ सुदर्शन मुरमू व बीइइइओ सत्येंद्र नारायण चौबे भी विद्यालय पहुंचे. पुलिस चार घंटे तक मामला सुलझाने में लगी रही. इस बीच स्कूल के विद्यार्थी मां सरस्वती की प्रतिमा सड़क पर रख कर इंतजार करते रहे. बाद में पुलिस के समझाने पर विद्यार्थियों ने पीपल पेड़ के नीचे प्रतिमा रख कर पूजा-अर्चना की.
समझौता के बाद अलग पूजा करने को राजी हुए बच्चे : पुलिस ने विवाद टालने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठ कर सहमति बनायी. कहा गया कि विद्यालय की भूमि को लेकर मामला न्यायालय में चल रहा है. कोई फैसला नहीं आया, तो अगले साल से यहां पूजा की जा सकती है.
मूर्ति मंगवायी, फिर गायब हाे गये शिक्षक : बभनी गांव के हरिजन टोला के अभिभावकाें ने बताया कि पूजा से पहले गांव के लोग प्रधान शिक्षक जावेद अहमद के पास गये थे. उन्हाेंने पूजा के लिए एक कमरा देने की बात कही. इस आश्वासन पर बच्चे प्रतिमा लेकर आये, तो शिक्षक जावेद अहमद स्वयं गायब हो गये. विद्यालय की शिक्षिका नाजिया प्रवीण व ग्राम शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष शेख ईमामुद्दीन ने प्रतिमा को विद्यालय के अंदर ले जाने से रोक दिया. कहा कि यह भूमि मदरसा के लिए दी गयी थी. ग्रामीणों ने कहा कि यह सरकारी विद्यालय है. इसमें सभी समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं.
भूमि मदरसा के लिये दिया है : ईमामुद्दीन
विद्यालय के भूमिदाता शेख ईमामुद्दीन का कहना है कि 16 वर्ष से यहां विद्यालय चल रहा है. उन्होंने खाता एक प्लॉट 50 में 11 डिसमिल भूमि मदरसा के लिए दान की थी. उर्दू विद्यालय के लिए उसी प्लॉट में भूमि पुन: दान की थी. जब वह बाहर गये हुए थे, तो ठेकेदार शेख जलील अहमद व अफरोज द्वारा मदरसे की भूमि पर जबरन विद्यालय बना दिया गया. जब विद्यालय भवन बन गया, तब उसे सरकारी विद्यालय में तब्दील कर दिया गया. इसकाे लेकर न्यायालय में टाइटल सूट दायर किया गया है.
सरकारी विद्यालय है: बीइइओ
बीइइओ ने कहा कि यह पूरी तरह सरकारी विद्यालय है. उसका भवन भी सरकारी राशि से बना है. यदि इसे उर्दू विद्यालय बनाना है, तो इसकी सरकारी प्रक्रिया है. आवेदन देने पर वह इसे अग्रसारित करेंगे.
शिक्षक जावेद की शिकायत करेंगे
बीडीओ सुदर्शन मुरमू ने कहा कि शिक्षक जावेद अहमद की बरखास्तगी के लिए वह वह उच्चाधिकारियों को लिखेंगे. बीडीओ ने विद्यालय की उपस्थिति पंजी की जांच की, तो पाया कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक शेख जावेद अहमद बिना आवेदन के अनुपस्थित हैं. बीडीओ ने तत्काल उनकी हाजिरी काटी. कहा कि उक्त शिक्षक ने जान-बूझ कर सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने का प्रयास किया है.
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