अरसली गांव छावनी में तब्दील

भवनाथपुर(गढ़वा) : भवनाथपुर थाना क्षेत्र के अरसली गांव में मंगलवार की शाम विजय जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है. पूरा गांव इस समय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. काफी संख्या में पुलिस बल गांव में कैंप कर रहे हैं. […]
भवनाथपुर(गढ़वा) : भवनाथपुर थाना क्षेत्र के अरसली गांव में मंगलवार की शाम विजय जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है. पूरा गांव इस समय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है.
काफी संख्या में पुलिस बल गांव में कैंप कर रहे हैं. गांव में भवनाथपुर, खरौंधी, केतार व नगरऊंटारी थाना की पुलिस संयुक्त रूप से कैंप की हुई है. साथ ही पुलिस गश्त भी की जा रही है. विदित हो कि मंगलवार की शाम नव निर्वाचित मुखिया प्रत्याशी धर्मशीला देवी के विजय जुलूस के दौरान एक गुट विशेष के लोगों ने लाठी, गड़ासा व तलवार से हमला कर दिया था.
इसके बाद हुए हिंसक संघर्ष में दोनों तरफ से करीब एक दर्जन लोग घायल हो गये. घटना के दूसरे दिन भी लोगों में इतना दहशत है कि वे घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं. दोनों ही गुट के लोगों में भय व्याप्त है. मारपीट की घटना के बाद मौके पर पहुंचे नगरऊंटारी एसडीपीओ मनीष कुमार ने अरसली के सभी लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रखी थी. इस बात का ध्वनि विस्तारक यंत्र से पूरे गांव में उदघोषणा भी करायी गयी थी.
जो घायल हुए : प्रेमचंद बियार, जयरून बीबी, आशिक अंसारी, मौलाना ग्यासुद्दीन अंसारी, रेयाजुद्दीन अंसारी, विद्यानंद विश्वकर्मा, रामजन्म महतो, राजेश्वर कहांर, अरविंद गुप्ता, संजय गुप्ता, पप्पू राम, ओमप्रकाश चौबे शामिल हैं. इनमें से ओमप्रकाश चौबे व राजेश्वर कहांर की गंभीर स्थिति को देखते हुए रात में ही गढ़वा रेफर कर दिया गया है. मंगलवार को जयरून बीबी को भी गढ़वा रेफर कर दिया गया. जबकि शेष का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है.
पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया था: कलामुद्दीन : अरसली निवासी कलामुद्दीन अंसारी ने घटना के संबंध में कहा कि जब उसके घर के पास से जुलूस गुजर रहा था, उस समय वह अपनी पत्नी के साथ जुलूस देख रहा था. इसी दौरान उसकी पत्नी के साथ धक्का-मुक्की की गयी, जिससे वह गिर गयी. जुलूस में शािमल लोगों ने उसके गेट में धक्का भी मारा था. बाद में जुलूस पर किसने हमला किया, उसके संबंध में उसे कुछ नहीं मालूम.
घटना की पृष्ठभूमि में है मुखिया का चुनाव : जानकारी के अनुसार अरसली में मंगलवार को हुई मारपीट की घटना की पृष्ठभूमि में मुखिया पद का चुनाव बताया जा रहा है. अरसली उतरी से श्यामसुंदर गुप्ता पहले मुखिया था. इस बार चुनाव में उनकी पत्नी प्रेमशीला देवी मुखिया बनी हैं. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी तासबीन अंसारी की पत्नी हसीना बीबी थी. प्रेमशीला को 908 मत तथा हसीना बीबी को 877 वोट मिले थे. चुनाव परिणाम के बाद दो वर्ग के बीच अंदर से तनाव की स्थिति थी. बताया जाता है कि जुलूस के दौरान इसी खीज को लेकर हिंसा की स्थिति उत्पन्न हुई है.
सौहार्द्र बिगाड़ने के पीछे असामाजिक तत्व : करीब 4000 की आबादीवाला यह गांव हिंदू-मुसलिम एकता की मिसाल रही है. इस गांव के हिंदू मुहर्रम व ईद को जहां मिलकर मनाते हैं, वहीं मुसलिम भी दशहरा, होली में उसी प्यार-मोहब्बत से मनाते हैं. लेकिन इस तरह के सदभावपूर्ण वातावरण होने के बावजूद गांव के कुछ असामाजिक तत्व बार-बार संप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने का प्रयास करते रहे हैं. इसी के परिणामस्वरूप मंगलवार की शाम इस तरह की घटना घटी है.
जुलूस के दौरान हुआ था हमला
समाचार के अनुसार पे्रमशीला देवी के अरसली उतरी से मुखिया के रूप में निर्वाचित होने के बाद मंगलवार की शाम में पंचयत में विजय जुलूस निकला था. जुलूस में शामिल लोग एक-दूसरे को खुशी में अबीर-गुलाल लगाते चल रहे थे.
अरसली के खड़ार टोला पहुंचने पर सड़क पर खड़े कलामुद्दीन अंसारी को भी लोगों ने अबीर लगा दिया. इसको लेकर काफी नोंक झोंक हुई, लेकिन बाद में मुखिया पति श्यामसुंदर गुप्ता(पूर्व मुखिया) ने कलामुद्दीन से क्षमा मांगकर मामले को शांत करा दिया. लेकिन जुलूस जैसे ही कुछ दूर आगे गांव के पुल के पास पहुंचा था, 35-40 की संख्या में समुदाय विशेष के लोग तलवार, गड़ासा व लाठी लेकर पहुंचे और जुलूस पर हमला कर दिये. पहले उन्होंने फायरिंग कर दहशत उत्पन्न किया, इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों पर हथियार से हमला कर दिया गया.
अचानक हुए हमले से लोगों में भगदड़ मच गयी. किसी तरह लोग आसपास की झाड़ी में छुपकर बचने का प्रयास किये. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान करीब आधे घंटे तक मारपीट हुयी. इसी बीच झाड़ी में छुपकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस तथा प्रेसवालों को दी. भवनाथपुर थाने से छह किमी दूर स्थित अरसली गांव में जब तक पुलिस पहुंची, हमलावर घटनास्थल से वापस हो चुके थे. लेकिन जुलूस में शामिल लोग भय के कारण झाड़ियों में ही छुपे हुए थे.
नगरऊंटारी एसडीपीओ मनीष कुमार व पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में काफी संख्या में पुलिस के पहुंच कर पूरे गांव को घेर लिये जाने के बाद लोग बाहर निकले. इस बीच जो जख्मी हुए थे, पुलिस ने ही सबों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. हमलावरों ने जुलूस में शामिल पिकअप वाहन(जेएच03बी-6706) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है. यह वाहन पंडरिया के कामेश्वर मेहता से भाड़े पर ली गयी थी.
शांति समिति की बैठक होगी : एसडीपीओ
एसडीपीओ मनीष कुमार ने कहा कि इस मामले को लेकर शीघ्र ही दोनों समुदायों की शांति समिति की बैठक की जायेगी. शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों के बीच सौहार्द्र बनाने का प्रयास किया जायेगा. तबतक गांव में पुलिस गश्त जारी रहेगी.
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