ग...दानरो नदी को बचाने के लिए बनी रणनीति

Published at :13 Dec 2015 6:13 PM (IST)
विज्ञापन
ग...दानरो नदी को बचाने के लिए बनी रणनीति

ग…दानरो नदी को बचाने के लिए बनी रणनीति संस्था युगांतर भारती व गढ़वा विकास मंच द्वारा जलस्त्रोत स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के तहत विचार गोष्ठी13जीडब्ल्यूपीएच 2- विचार गोष्ठी में उपस्थित गणमान्य लोग प्रतिनिधि, गढ़वा. संस्था युगांतर भारती व गढ़वा विकास मंच के बैनर तले जलस्त्रोत स्वच्छता अभियान नामक कार्यक्रम के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया […]

विज्ञापन

ग…दानरो नदी को बचाने के लिए बनी रणनीति संस्था युगांतर भारती व गढ़वा विकास मंच द्वारा जलस्त्रोत स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के तहत विचार गोष्ठी13जीडब्ल्यूपीएच 2- विचार गोष्ठी में उपस्थित गणमान्य लोग प्रतिनिधि, गढ़वा. संस्था युगांतर भारती व गढ़वा विकास मंच के बैनर तले जलस्त्रोत स्वच्छता अभियान नामक कार्यक्रम के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. शहर के दानरो नदी तट स्थित पीएचइडी कॉलोनी छठ घाट पर आयोजित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने दानरो नदी की दिनोंदिन दयनीय होती स्थिति पर चिंता व्यक्त की. कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री सारिका ने की. इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सह पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय ने कहा कि पानी की बेहिसाब बर्बादी से आनेवाले समय में भयंकर जलसंकट का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि गढ़वा जिले में जितने भी जलस्त्रोत हैं, उनका सर्वेक्षण कर उन्हें पुर्नजीवित करने की जरूरत है. उन्होंने शहर के दानरो व सरस्वतिया नदी की अतिक्रमण करने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस पर आंदोलनात्मक रवैया अपनाने की जरूरत है. नगर पंचायत उपाध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि दानरो नदी के किनारे मिनी बाइपास का निर्माण चिनिया रोड से ही करने की जरूरत है. उन्होंने नदियों को बचाने के लिए लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा. डॉ पातंजलि केसरी ने कहा कि नदी में कूड़ा-कचरा व प्लास्टिक फेंके जाने पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए. नदी के किनारे रहनेवाले लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना होगा. स्थानीय विधायक प्रतिनिधि संतोष केसरी ने कहा कि डंपिग यार्ड नहीं होने से शहर से कचरा नदी में जा रहा है. उन्होंने कहा कि कचरे का निबटान सही तरीके से करने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने बालू उठाव पर भी रोक लगाने की बात कही. इस अवसर पर एवार्ड के सचिव सुरेंद्र दुबे ने कहा कि नदियों की सफाई व उसे अतिक्रमण मुक्त करने का दायित्व किसी एक व्यक्ति या सरकार के जिम्मे छोड़ने की जरूरत नहीं है. इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है. सर्वांगीण विकास समिति के सचिव विनोद सोनी ने कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करना हमें महंगा पड़ेगा. प्रकृति को उसी अनुरूप छोड़ देना चाहिए, जिस अनुरूप वह है. अध्यक्षीय भाषण में सारिका ने कहा कि हमें नदियों के अलावा ऐसे सभी जगह जो बेकार पड़े हैं, वहां पेड़ लगाना चाहिये. वृक्ष की ग्लोबल वार्मिंग के प्रकोप को रोककर मनुष्य का जीवन बचा सकते हैं. इस मौके पर उपरोक्त के अलावा अधिवक्ता जितेंद्र सिन्हा, प्रो उमेश सहाय, भाजपा नेता शिवकुमार पांडेय, कृत्यानंद श्रीवास्तव, अरविंद मिश्रा, रामाशंकर चौबे, उमेश सिंह, रामप्रवेशजी, सत्येंद्रजी आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र कुमार उपाध्याय ने की.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola