तत्कालीन डीएसइ अरविंद कुमार पर प्रपत्र क गठित करने का निर्देश

Updated at : 17 May 2018 8:53 AM (IST)
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तत्कालीन डीएसइ अरविंद कुमार पर प्रपत्र क गठित करने का निर्देश

नौ कस्तूरबा विद्यालयों में नियम विरुद्ध की गयी थी सामग्री की आपूर्ति पीयूष तिवारी गढ़वा : गढ़वा के पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी को लेकर प्रपत्र क गठित करने की कार्रवाई प्रारंभ की गयी है़ जांच प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा […]

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नौ कस्तूरबा विद्यालयों में नियम विरुद्ध की गयी थी सामग्री की आपूर्ति
पीयूष तिवारी
गढ़वा : गढ़वा के पूर्व जिला शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी को लेकर प्रपत्र क गठित करने की कार्रवाई प्रारंभ की गयी है़ जांच प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने प्रपत्र क गठन करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी मुक्ति रानी सिंह को दिया है़
अनियमितता का यह मामला वर्ष 2014 का है़, जिसमें कस्तूरबा विद्यालय के लिए सामग्री क्रय में अनियमितता की बात उजागर हुई है़
इसमें जिले में संचालित नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से एजेंसी से सामग्री क्रय करके 30.96 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की गयी. मामला सामने आने के बाद उपायुक्त के आदेश पर आरडीडीइ सह तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी रामयतन राम के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच की गयी़
जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि मानव संसाधन विभाग विभाग के निर्देश से इतर जाकर बिना अखबारों में टेंडर प्रकाशित किये ही मेसर्स चंद्रावते कंस्ट्रक्शन सहिजना एवं मेसर्स चित्रा कंस्ट्रक्शन सहिजना के राकेश चौबे से सामग्री क्रय कर ली गयी़ सामग्री क्रय करने के बाद एजेंसी की ओर से दिये गये बिल 3096138 के आलोक में पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया़ यद्यपि इस मामले में विद्यालय की वार्डेन व लेखापाल को भी जिम्मेवार बताया गया है़
लेकिन डीइओ रामयतन राम की जांच के दौरान सभी वार्डेन ने यह लिखित बयान दिया कि उनके पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार ने ऐसा करने के लिए दबाब बनाया था़ इसके आलोक में डीएसइ की संलिप्तता पाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गयी है़
वित्त विभाग के संकल्प पत्र 224, दिनांक तीन फरवरी 2011 के आलोक में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सामग्री क्रय करने के लिए एजेंसी चयन के लिए नियमानुसार अखबारों में टेंडर निकालकर आवेदन व कोटेशन मांगना था.
लेकिन वर्ष 2014 में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गढ़वा, मेराल, डंडई, रमना, नगरउंटारी, ध्रकी, भवनाथपुर, कांडी एवं रंका में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में लिये गये निर्णय दिखाते हुए अपने स्तर से तीन कोटेशन मंगा लिये गये और विद्यालय में ही टेंडर फाइनल कर दिया गया़ इन विद्यालयों में स्टील बेड, तोसक, तकिया कवर, दरी, चादर, मच्छरदानी आदि की आपूर्ति की गयी थी़
आपूर्ति के पश्चात एजेंसी द्वारा दिये गये बिल के आलोक में शत-प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया़ इसमें गढ़वा कस्तूरबा विद्यालय में 3.50 लाख, मेराल में 3.71 लाख, डंडई में 3.66 लाख, रमना में 3.61 लाख, नगरउंटारी में 1.37 लाख, धुरकी में 3.43 लाख, भवनाथपुर में 3.45 लाख, कांडी में 3.33 लाख तथा रंका में 4.85 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया़ जिला शिक्षा पदाधिकारी रामयतन राम ने जांचोपरांत पत्रांक 1282, दिनांक 19 अगस्त 2017 के माध्यम से अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी थी़
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