नशाखोरी व अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाये प्रशासन

Updated at : 08 Apr 2026 9:43 PM (IST)
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नशाखोरी व अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाये प्रशासन

कॉफी विद एसडीएम. संवाद कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समस्याओं पर हुई चर्चा, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा

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कॉफी विद एसडीएम. संवाद कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समस्याओं पर हुई चर्चा, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा प्रतिनिधि, गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार ने अपने नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम ‘कॉफी विद एसडीएम’ में बुधवार को आदिवासी समाज के सामाजिक नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. बैठक में गढ़वा, मेराल, माझिआंव, डंडई, रंका आदि क्षेत्रों से आये आदिवासी प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व सुझाव साझा किये. संवाद कार्यक्रम में अनुमंडल स्तरीय वनाधिकार समिति के दो जनजातीय सदस्य भी शामिल हुए. संवाद के दौरान आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े पारंपरिक अधिकारों, वनाधिकार पट्टा, लघु वनोपज के उचित मूल्य तथा स्थानीय आजीविका के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने इन क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता जतायी. बैठक में आदिवासी सामाज के कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके समुदाय में नशाखोरी, अंधविश्वास, झाड़ फूंक आदि की समस्या है, जिससे समाज काफी पिछड़ रहा है. कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से अनुरोध किया कि इन कुरीतियों के खिलाफ प्रशासनिक मुहिम चलाये. संवाद कार्यक्रम में लवली टोप्पो, उमेश उरांव, सुखबीर उरांव, मौसम उरांव, चतुर्गुण बैगा, गोपाल कुजूर, मनी परहिया, मंजू देवी खरवार, सुरेश परहिया, सुनील उरांव, सोहराय उरांव, देवनाथ उरांव, योगेंद्र उरांव, महेंद्र उरांव, पंचन उरांव, जगदीश उरांव आदि मौजूद थे. शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य पर चर्चा बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति, विद्यालयों में उपस्थिति, ड्रॉपआउट की समस्या, युवाओं के लिए कौशल विकास व रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गयी. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, कुपोषण जैसी समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया. सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण पर बल प्रतिनिधियों ने सरहुल, करमा जैसे पारंपरिक पर्वों एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया. साथ ही पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय कृषि पद्धतियों एवं सामाजिक मूल्यों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी. सरकारी योजनाओं की पहुंच में जमीनी चुनौतियों पर चर्चा बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं पेंशन, आवास, राशन, मनरेगा एवं आजीविका मिशन की जमीनी स्थिति पर भी चर्चा हुई. इस दौरान लोगों ने घूमकुड़िया में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, नये घूमकुड़िया निर्माण, सरना स्थल की घेराबंदी, डाकिया योजना में पारदर्शिता आदि के मुद्दे उठाये. प्रतिभागियों ने योजनाओं के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर ध्यान आकर्षित किया. जिनको दूर करने के लिए एसडीएम ने यथासंभव प्रयास करने का भरोसा जताया. आदिवासी समाज के विकास व अधिकारों का संरक्षण प्रशान की प्राथमिकताएसडीएम संजय कुमार ने सभी प्रतिभागियों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि आदिवासी समाज के विकास एवं अधिकारों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने आश्वस्त किया कि संवाद के दौरान उठाये गये मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठाकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद से प्रशासन को जमीनी हकीकत समझने का अवसर मिलता है और समाज के साथ मिलकर बेहतर समाधान निकाले जा सकते हैं. सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित एसडीएम ने सभी आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. प्रतिभागियों ने इस प्रकार के संवादात्मक मंच की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचती है. प्रशासन की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया कि आगे भी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ इस तरह के संवाद निरंतर जारी रहेंगे.

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Akarsh Aniket

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