गढ़वा एसपी व उनके अंगरक्षक सहित 12 के खिलाफ परिवाद पत्र दायर
Updated at : 10 May 2018 3:59 AM (IST)
विज्ञापन

16 मई को होगी गढ़वा सीजेएम कोर्ट में सुनवाई गढ़वा : गढ़वा व्यवहार न्यायालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अधिवक्ता आशीष कुमार दूबे ने अपने साथ पुलिस द्वारा की गयी पिटायी की घटना को लेकर बुधवार को परिवाद पत्र(0836/18) दायर किया. इसमें गढ़वा एसपी मो अर्शी, उनके अंगरक्षक गोरेलाल कुंवर, एएसआइ मुन्ना सिंह, […]
विज्ञापन
16 मई को होगी गढ़वा सीजेएम कोर्ट में सुनवाई
गढ़वा : गढ़वा व्यवहार न्यायालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अधिवक्ता आशीष कुमार दूबे ने अपने साथ पुलिस द्वारा की गयी पिटायी की घटना को लेकर बुधवार को परिवाद पत्र(0836/18) दायर किया. इसमें गढ़वा एसपी मो अर्शी, उनके अंगरक्षक गोरेलाल कुंवर, एएसआइ मुन्ना सिंह, अवर निरीक्षक राम बदन सिंह, आरक्षी बोंडो सोरेन, गढ़वा के प्रभारी थाना प्रभारी लक्ष्मीकांत पांडेय, आरक्षी राम लखन राम, अरविंद पासवान, नवनीत कुमार, बबलू प्रसाद, हवलदार कमलेश प्रसाद यादव एवं रिम्स के चिकित्सक डॉ आरजी बाखला सहित 13 अज्ञात पुलिसकर्मियों को अभियुक्त बनाया है. इसमें अधिवक्ता ने अभियुक्तों पर भादवि की धारा 323, 325, 307, 448, 120बी, 211, 386, 379, 504, 506, 217/3ए, 166 एवं 166(ए) के तहत कार्रवाई करने की अपील की है.
परिवाद पत्र में क्या है आरोप
अधिवक्ता आशीष दूबे ने परिवाद पत्र में कहा है कि वे पिछले 30 अप्रैल को अपनी मोटरसाइकिल से गढ़वा पुरानी बाजार से अपने घर सहिजना लौट रहे थे. इसी बीच रंका मोड़ पर जाम में फंस गये. अचानक पीछे से एसपी मो अर्शी की गाड़ी आयी. उनको देखते ही उक्त गाड़ी से एसपी के पांच-छह अंगरक्षक आये और उनकी मोबाइल लूटते हुए उनसे परिचय पूछा, अपना नाम बताते ही एसपी के कहने पर वे लोग गाली देते हुए भीड़ के सामने ही उसके साथ मारपीट करने लगे. इससे उनके शरीर में कई अंगों पर गंभीर चोट लगे. इसके बाद मो अर्शी द्वारा बोला गया कि इसे थाने लेकर चलो. गढ़वा थाना लाने के बाद एसपी एवं उनके अंगरक्षक द्वारा गाली देते हुए पुन: मारपीट की गयी. अंगरक्षक गोरेलाल यादव ने उनकी मोबाइल छीन ली. रात को बिना खाना-पानी दिये हाजत में बंद कर रखा और दूसरे दिन एक मई को पीआर बांड लिखवाकर छोड़ दिया.
उसने कहा कि इसके पूर्व एक दूसरा पीआर बांड लिखवाने का प्रयास किया गया था, जिसमें फेसबुक अकाउंट पर जातिगत एवं सांप्रदायिक टिप्पणी करके सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास का आरोप था. लेकिन उन्होंने इसका विरोध करते हुए इसपर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. गढ़वा थाना से छूटने के बाद वे जिला अधिवक्ता संघ भवन में आये, यहां सदस्यों से मिलकर आपबीती सुनायी और अपना जख्म दिखाया. इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि प्रधान जिला जज (पीडीजे) मजदूर दिवस को लेकर अपने अपने कक्ष में बैठक कर रहे हैं. इसपर वे संघ के सदस्यों के साथ पीडीजे के कक्ष में जाकर घटना की शिकायत की और अपने जख्म को दिखाया.
पीडीजे ने गढ़वा डीसी को सूचना दी गयी. इसके बाद डीसी ने गढ़वा एसडीओ को मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनके इलाज कराने एवं जख्म प्रतिवेदन बनाने का निर्देश दिया. तब गढ़वा एसडीओ द्वारा मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए परिवादी का इलाज कराया गया. मेडिकल बोर्ड द्वारा परिवादी की स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया गया. रिम्स में इलाज के बाद उन्हें सात मई की शाम में डिस्चार्ज किया गया. श्री दूबे ने कहा कि एक मई को सदर अस्पताल गढ़वा में उनके लिये गये फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर उनपर एक झूठी प्राथमिकी 164/18 दर्ज कर दी गयी.
रिम्स के चिकित्सक डॉ आरजी बाखला को भी आरोपी बनाया
कब क्या-क्या हुआ
30 अप्रैल : गढ़वा के अधिवक्ता आशीष दूबे के साथ गढ़वा शहर से सबसे व्यस्त रंका मोड़ पर रात करीब 8.30 बजे जाम में फंसे एसपी मो अर्शी का मोबाइल से वीडीओ बनाने के दौरान पुलिस द्वारा मारपीट की गयी और उन्हें हिरासत में लेते हुए गढ़वा थाना लाया गया.
एक मई : सुबह करीब दस बजे अधिवक्ता से बांड लिखवाकर थाने से छोड़ दिया गया. अधिवक्ता श्री दूबे ने जिला अधिवक्ता संघ भवन में पहुंचकर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को घटना की जानकारी दी और पुलिस की पिटाई से हुए जख्म को दिखाया. पूरे मामले से प्रधान जिला जज को अवगत कराते हुए इसमें कार्रवाई की मांग की गयी.
दो मई : जिला अधिवक्ता संघ गढ़वा ने आपात बैठक कर इसके विरोध में एक सप्ताह तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया. पूरे मामले से झारखंड स्टेट बार एसोसिएशन को अवगत कराया गया. गढ़वा एसपी को हटाने, एसपी सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराने की मांग की.
तीन मई : जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर न्यायिक कार्य किया. झारखंड स्टेट बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय में पीआइएल दायर किया गया. झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने झारखंड उच्च न्यायालय को मामले की पूरी जानकारी दी.
चार मई : चार मई को झारखंड उच्च न्यायालय रांची में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. इसमें आठ मई को राज्य के गृह सचिव को रिपोर्ट तलब किया गया. रांची के अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय के कार्यों का बहिष्कार किया. गढ़वा जिला अधिवक्ता संघ ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू की.
पांच मई : जिला अधिवक्ता संघ का कलमबंद हड़ताल जारी रही. जस्टिस फॉर आशीष मंच ने आशीष दूबे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जुलूस निकाला.
छह मई : पलामू के आयुक्त राजीव अरुण एक्का एवं रेंज डीआइजी विपुल शुक्ला ने गढ़वा पहुंचकर एसपी मो अर्शी से पूछताछ की तथा रिम्स पहुंचकर आशीष दूबे से भी घटना की जानकारी ली. इधर जस्टिस फॉर आशीष मंच ने गढ़वा एसपी का पुतला फूंका.
सात मई : पलामू के आयुक्त ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी. आशीष दूबे को रिम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया.
आठ मई : झारखंड उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई. सरकार की ओर से उच्च न्यायालय को रिपोर्ट सौंपी गयी. इसमें पुलिस को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी गयी.
नौ मई : गढ़वा व्यवहार न्यायालय में आशीष दूबे द्वारा सीजेएम के न्यायालय में परिवाद दायर किया गया.
रिम्स के चिकित्सक को भी आरोपी बनाया
अधिवक्ता आशीष दूबे ने रिम्स में उनका इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ आरजी बाखला पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा हमेशा धमकी दी गयी कि उन्हें रिम्स में आने से कोई विशेष प्रमाण पत्र और गंभीर जख्म प्रतिवेदन नहीं मिलने जा रहा है. साथ ही कहा गया कि गढ़वा की मेडिकल बोर्ड द्वारा जिस जख्म के इलाज के लिये उन्हें रेफर किया गया था, उसका इलाज करने की बजाय डॉ बाखला ने उन्हें वहां से विमुक्त कर दिया.
16 मई को होगी सुनवाई
अधिवक्ता आशीष दूबे के परिवाद पत्र पर 16 मई को सुनवाई होगी. परिवाद पत्र दायर होने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा ने इसकी सुनवाई के लिये 16 मई की तिथि दी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




