युवाओं का संस्कृति से अलग होना चिंता का विषय
Updated at : 09 May 2018 7:27 AM (IST)
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गढ़वा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गढ़वा इकाई ने संस्कृत और हमारी संस्कृति विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया. गोष्ठी में विषय प्रवेश कराते हुए गढ़वा नगर महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख अभिषेक कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान परिवेश में देश के कर्णधारों के अंदर जो अपनी संस्कृति से लगाव होना चाहिए, उसमें कमी नज़र […]
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गढ़वा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गढ़वा इकाई ने संस्कृत और हमारी संस्कृति विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया. गोष्ठी में विषय प्रवेश कराते हुए गढ़वा नगर महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख अभिषेक कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान परिवेश में देश के कर्णधारों के अंदर जो अपनी संस्कृति से लगाव होना चाहिए, उसमें कमी नज़र आना चिंता का विषय है. आज विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से पूर्ण परिचित होने की आवश्यकता है.
इसके पश्चात विषय पर प्रकाश डालते हुए संस्कार भारती गढ़वा ज़िला इकाई के सहमंत्री शंभु त्रिपाठी ने कहा कि देवभाषा के रूप में विख्यात विश्व की प्राचीनतम भाषा संस्कृत ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जिसमें सभी क्षेत्रों से संबंधित ज्ञान का प्रकाशन सबसे पहले हुआ है. यदि हमें भारतीय दर्शन को समझना है, तो संस्कृत ग्रंथों का अध्ययन करना होगा. गोष्ठी में संस्कार भारती के पलामू विभाग प्रमुख नीरज श्रीधर ने कहा कि भारत ने ही संपूर्ण विश्व को सबसे पहले सभ्यता का पाठ पढ़ाने के साथ-साथ सभी प्रकार के ज्ञान देने का कार्य किया था. संसार का सबसे पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला विश्वविद्यालय भारत में ही प्रारंभ हुआ. इस विश्वविद्यालय में देश-विदेश के हज़ारों विद्यार्थी ज्ञान प्राप्त करने आते थे. उन्होंने कहा कि विश्व के सभी प्रमुख अविष्कार भारतीय-ज्ञान पर ही आधारित हैं. इस मौके पर आरएसएस के सह जिला कार्यवाह स्कंद कार्तिकेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व की सबसे बड़ा और अनुशासित संगठन है. स्थापना काल से ही इसके स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों से सभी में आत्मानुशासन,स्वावलंबन व समरसता का भाव जाग्रत करने का काम जाता रहा है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पलामू विभाग के महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख धनंजय सिंह ने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जिसे पूरी दुनिया ने विश्वगुरु के रूप में स्वीकार किया था. इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत बौद्धिक प्रमुख ज्वाला तिवारी, ज़िला सेवा प्रमुख अनिल कुमार, नगर बौद्धिक प्रमुख दीपक चौबे, अधिवक्ता सतीश कुमार मिश्र, शिक्षक योगेंद्र सिंह, इंजीनियर दिलीप कुमार चौधरी, संस्कार भारती गढ़वा ज़िला इकाई के उपाध्यक्ष श्याम नारायण पांडेय, संदीप गुप्ता, प्रकाश कुमार, संजीव कुमार, संतोष कुमार, गणेशजी सहित कई लोग उपस्थित थे.
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