Jharkhand : गढ़वा में कई दिनों से उड़ रहा था एक मिनी एयरक्राफ्ट, लोग थे परेशान, अब जाकर सामने आयी सच्चाई

गढ़वा : झारखंड केगढ़वा जिले में कई दिनों से आसमान में एक छोटा एयरक्राफ्ट उड़ रहा था. मझिआंव शहर में जमीन से महज 50 से फुट ऊपर उड़ने वाले इस मिनी एयरक्राफ्टकोदेखकर कई दिनोंतक लोग परेशान रहे. लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठते रहे. आखिर यह विमान किसका है? कहां से आया? कहीं […]
गढ़वा : झारखंड केगढ़वा जिले में कई दिनों से आसमान में एक छोटा एयरक्राफ्ट उड़ रहा था. मझिआंव शहर में जमीन से महज 50 से फुट ऊपर उड़ने वाले इस मिनी एयरक्राफ्टकोदेखकर कई दिनोंतक लोग परेशान रहे. लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठते रहे. आखिर यह विमान किसका है? कहां से आया? कहीं दुश्मन देश ने जासूसी करने के लिए ड्रोन तो नहीं भेजा? किस उद्देश्य से उड़ रहा है यह विमान?
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इस मिनी एयरक्राफ्ट को सबसे पहले बुधवार को अपराह्न 4 बजे लोगों ने देखा. सफेद रंग के इस एयरक्राफ्ट में लाल रंग की पांच खिड़कियां थीं. जब तक कोई कुछ कुछ समझपाता, एयरक्राफ्ट लोगों की आंखों से ओझल हो गया. यह पश्चिम की ओर चला गया.
इसके बाद इस विषय पर पूरे शहर में चर्चा होने लगी. इसी दौरान किसी ने बताया कि एक दिन पहले भी इस विमान को शहर के ऊपर उड़ान भरते देखा गया था. जागरूकलोगों ने पुलिस निरीक्षक एसएन सिंहसेसंपर्क किया. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. वायरलेस से भी कोई मैसेजनहीं मिला.
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हालांकि, गुरुवार को प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि मिनी एयरक्राफ्ट से किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है. यह जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) का विमान है, जो भारत सरकार के निर्देश पर भूमि के अंदर पाये जाने वालेखनिज पदार्थों की करने के लिए निकला है.
यह सर्वेक्षण जनवरी, 2018 तक चलेगा. तीन दिन बाद जिला खनन विभाग के इन्स्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि भूमि के अंदर कोयलासमेत कई प्रकार के खनिज भरे पड़े हैं. कई साल पहले भी ऐसा ही एक सर्वेक्षण हुआ था. उस दौरान पता चला था कि क्षेत्र में भारी मात्रा में खनिज पदार्थ मिल सकते हैं. इसलिए एयरफोर्स के अति संवेदनशील एवं अत्याधुनिक तकनीक से लैस मिनी एयरक्राफ्ट से रेडिएसन सर्वे किया जा रहा है.
सर्वेक्षण की खास बातें
–मिनीएयरक्राफ्ट से एक लेजर तरंग भूमि के अंदर छोड़कर खनिज संपदा का पता किया जा रहा है.
-यह सर्वे बिहार, झारखंड एवं ओड़िशा में किया जा रहा है.
-सभी जिलों के उपायुक्तों को इसकी लिखित सूचना भेजकर अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था, ताकि लोगों को कोई भ्रम न हो. खनन विभाग को भी इसकी एक प्रति भेजी गयी.
-प्रशासन द्वारा समय पर लोगों को जानकारी न दिये जाने की वजह से मझिआंव एवं आसपास के लोगों में एक अनजाना भय एवं कौतूहल का माहौल था.
-कोई इसे ड्रोन समझ रहा था, तो कोईचीन का टोही विमान मान रहा था.
-मिनी जहाज की क्षमता भूमि से मात्र 100 मीटर की ऊंचाई तक उड़नेकी है, जिसकी वजह से यह बहुत ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ रहा था.
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