गढ़वा में क्यों भूखे रह गये मजदूर, दोषी कौन?

रमकंडा : झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के पुराना ब्लॉक परिसर में आधा दर्जन से अधिक मजदूरों को भूखे रहना पड़ा. ब्लॉक परिसर में संचालित दाल-भात केंद्र गुरुवार को बंद था. फलस्वरूप आधा दर्जन मजदूरों को भोजन नहीं मिला. कविता कुमारी, सबिता कुमारी, कुसमरी देवी, शिवकुमार भुइयां, बिनोद भुइयां, कृष्णा भुइयां व […]
रमकंडा : झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के पुराना ब्लॉक परिसर में आधा दर्जन से अधिक मजदूरों को भूखे रहना पड़ा. ब्लॉक परिसर में संचालित दाल-भात केंद्र गुरुवार को बंद था. फलस्वरूप आधा दर्जन मजदूरों को भोजन नहीं मिला.
कविता कुमारी, सबिता कुमारी, कुसमरी देवी, शिवकुमार भुइयां, बिनोद भुइयां, कृष्णा भुइयां व अन्य लोग काम करने के बाद खाना खाने के लिए केंद्र पर गये थे. जब ये लोग वहां पहुंचे, तो देखा कि केंद्र बंद है. भूखे ही लौटना पड़ा.
वहीं पर वार्ड पार्षद के पति गणेश प्रसाद ने बताया कि उक्त सभी मजदूर पशु शेड निर्माण के काम में लगे हैं. ये लोग रोज काम करने के बाद हर दिन यहीं खाना खाते थे. यहां इन्हें सस्ते में भोजन मिल जाता था. लेकिन, गुरुवार को उन्हें भोजन नहीं मिला. मजबूरन भूखे काम करना पड़ा.
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