East Singhbhum News : नवरात्र के आगमन का संदेश, खिले कांस के फूल
Author Akash
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बरसात की ठंडी हवा, खेतों की हरियाली और नदी-नालों के किनारों पर खिले सफेद कांस के फूल यह नजारा जादूगोड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नवरात्र और विजयादशमी की आहट का संकेत दे रहा है.
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जादूगोड़ा.
बरसात की ठंडी हवा, खेतों की हरियाली और नदी-नालों के किनारों पर खिले सफेद कांस के फूल यह नजारा जादूगोड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नवरात्र और विजयादशमी की आहट का संकेत दे रहा है. कांस का फूल शारदीय नवरात्रि के आगमन का प्रतीक माना जाता है. हर साल सावन-भादो के बाद इसका खिलना त्योहारों की शुरुआत का संदेश लेकर आता है. स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि कांस का फूल बरसात के समापन और शारदीय मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है. यह परंपरा पीढ़ियों से लोगों के दिलों में बसी हुई है, जो त्योहारों को प्रकृति से जोड़ती है.22 सितंबर से नवरात्र व 2 अक्तूबर को विजयादशमी
इस वर्ष शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर से होगा. 2 अक्तूबर को विजयादशमी धूमधाम से मनायी जाएगी. पूजा समितियों द्वारा भूमिपूजन के साथ ही पंडाल निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं. कई समितियों ने भव्य थीम पंडालों और आकर्षक झांकियों की योजना बनाई है, जो इस बार लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा. कांस और आस्था का अनोखा रिश्ता : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कांस का खिलना देवी दुर्गा की धरती पर आगमन का प्रतीक है. यह प्रकृति का भक्तों को संदेश है कि अब तप, साधना और भक्ति का पर्व शुरू हो चुका है. खेतों में खिले इन फूलों को कई जगह पर पूजा में भी उपयोग किया जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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