East Singhbhum : धान खरीद का वादा 3200 रुपये प्रति क्विंटल व आदेश 2400 का, ऊहापोह में किसान

Updated at : 29 Nov 2024 11:43 PM (IST)
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East Singhbhum : धान खरीद का वादा 3200 रुपये प्रति क्विंटल व आदेश 2400 का, ऊहापोह में किसान

पूर्वी सिंहभूम जिले में 15 दिसंबर से 42 केंद्रों पर धान बेच सकेंगे किसान, विधायक रामदास ने कहा- मंत्रिमंडल विस्तार तक इंतजार करें, वादा पूरा होगा

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गालूडीह/घाटशिला. पूर्वी सिंहभूम जिले में 15 दिसंबर से सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू होगी. प्रशासन ने 42 केंद्रों पर 2400 रुपये (2300 रुपये कीमत व 100 रुपये बोनस) प्रति क्विंटल से धान खरीदने की घोषणा की है. वहीं, विस चुनाव में झामुमो ने 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था. ऐसे में 2400 रुपये कीमत जारी होने से किसान ऊहापोह की स्थिति में हैं. विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार होने तक इंतजार करें. 9 से 12 दिसंबर तक पहला सत्र चलेगा. पार्टी वादा पूरा करेगी. धान का समर्थन मूल्य जरूर बढ़ेगा. जिला प्रशासन ने कम समय को देखते हुए आदेश जारी किया है. किसान खुले बाजार में कम दाम में धान न बेच दें, इसलिए 15 दिसंबर से क्रय केंद्र खोलने और प्रति क्विंटल 2400 पहले के रेट देने की बात कही है. सरकार जल्द निर्णय लेगी. किसानों को वाजिब दाम मिलेगा.

पिछले साल 5,742 किसानों ने छह लाख क्विंटल धान बेचा

पूर्वी सिंहभूम के लैंपस समेत जिले के कुल 41 केंद्रों में पिछले साल 5,742 किसानों से छह लाख क्विंटल धान की खरीद हुई थी. सरकार ने किसानों के बैंक खाते में 1.32 अरब रुपये का भुगतान दो किस्तों में किया था. इस बार समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों की संख्या बढ़ेगी.

जिले में 22,867 किसान निबंधित, बंटाइदार को नहीं मिलता हक

जिले में 22,867 किसान निबंधित हैं. पिछले साल 5442 किसानों ने केंद्र में जाकर धान बेचा. इसकी बड़ी वजह है कि अधिकतर छोटे और मध्यम दर्ज के किसान बंटाई में खेती करते हैं. बड़े जमींदारों से जमीन बंटाई (लीज) में लेकर खेती करते हैं. जमीन का कागज असल मालिक के पास है. इससे बंटाई में खेती करने वाले किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का हक नहीं मिल पाता है.

डर-डर कर धान काट रहे किसान

क्षेत्र में किसान डर-डर कर धान काट रहे हैं. कहते हैं कब मौसम बदल जायेगा, कहना मुश्किल है. अभी बारिश हुई, तो पक कर तैयार धान बर्बाद हो जायेगा. किसान कहते हैं धान कटाई के लिए मजदूर नहीं मिलते हैं. अधिकतर किसान अब मशीन का प्रयोग करने लगे हैं. कुछ बड़े किसान बंगाल से धान काटने वाले मजदूरों को बुलाते हैं. किसान अतनु कुमार महतो, अमिय महतो, शंकर महतो, विष्णु महतो, परमेश्वर महतो आदि ने बताया कि इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई है. अब वाजिब दाम मिल जायेगा, तो किसानों की स्थिति में सुधार आयेगी.

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