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East Singbhum News : पावड़ा तालाब: कभी जीवनरेखा, आज उपेक्षा का शिकार

Updated at : 29 Mar 2025 12:24 AM (IST)
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East Singbhum News : पावड़ा तालाब: कभी जीवनरेखा, आज उपेक्षा का शिकार

कभी हजारों को जल देने वाला तालाब, आज खुद पानी को तरस रहा

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घाटशिला. घाटशिला प्रखंड की पावड़ा, गोपालपुर और धरमबहाल पंचायत की जीवनरेखा कहे जाने वाला पावड़ा तालाब आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. यह तालाब अब देखने में तालाब कम मैदान ज्यादा नजर आ रहा. यह विशाल तालाब जो कभी हजारों ग्रामीणों के लिए जल का मुख्यस्रोत था, अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है. ऐसे में बरसात में जल संचय कैसे होगा बड़ा सवाल है. स्थानीय निवासियों के अनुसार बीते दो दशक से तालाब के जीर्णोद्वार और सफाई की मांग उठ रही है, पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला. स्थानीय निवासी सुबल सीट, नीलिमा सीट, अष्टमी सीट, काजल नामाता, मालती सीट और रंजनी सीट ने बताया कि तीन दशक पहले यह तालाब पानी से लबालब भरा रहता था. इससे लगभग 10 हजार लोगों की पानी की जरूरतें पूरी होती थी. अब यह तालाब झाड़ियों और कचड़ों से भर गया है. गर्मी में पूरी तरह सूख जाता है. दूलाचंद्र सीट ने बताया कि कई बार आंदोलन हुए, परंतु प्रशासन और नेताओं की अल्पकालिक रुचि के कारण तालाब का विकास अधूरा रह गया. जब तक ग्रामीण संगठित होकर आवाज नहीं उठायेगे, तब तक तालाब की स्थिति में सुधार संभव नहीं है. तालाब का जीर्णोद्धार कराये सरकार : ग्रामीण कभी जीवनदायिनी रहा यह तालाब अब उपेक्षा के चलते सूखी धरती और घनी झाड़ियों में तब्दील हो चुका है. जहां कभी लबालब पानी भरा रहता था अब यहां कचड़ों का ढेर है. पूरा तालाब मैदान नजर आता है. सरकार इसका जीर्णोद्धार कराये. – दुलाल चंद्र सीट, पावड़ा यदि सरकार और प्रशासन इस पर ध्यान दे, तो इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है. यह तालाब स्नान और घरेलू कार्यों का मुख्य स्रोत था. पहले यहां महिलाएं कपड़े धोने और स्नान करने आती थीं, अब गंदगी के कारण इसका उपयोग असंभव है. – विकास सीट, पावड़ा तालाब का पुनरुद्धार कराने से लाभ होगा. तालाब लगभग 10 एकड़ में फैला है. यदि इसका पुनरुद्धार किया जाये, तो यह गर्मियों में मानव और पशु-पक्षियों के लिए वरदान साबित हो सकता है. जिला प्रशासन ध्यान देकर इसका जीर्णोद्धार कराये. – सत्यवान सीट, स्थानीय निवासी यह तालाब पहले महिलाओं के लिए स्नान और घरेलू कार्यों का मुख्य स्रोत था. अब गंदगी और सूखे के कारण इसका उपयोग असंभव हो गया है. प्रशासन को जल्द से जल्द इसके पुनरुद्धार पर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को लाभ मिल सके. -मीनू रजक, स्थानीय निवासी अगर प्रशासन और जनप्रतिनिधि चाहें, तो पावड़ा तालाब फिर से जीवंत हो सकता है. यह हमारे पूर्वजों की देन है. इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है. सबको एकजुट होकर इसके जीर्णोद्धार को लेकर आंदोलन करना होगा. – ज्योत्सना सीट, पावड़ा निवासी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील है कि पावड़ा तालाब का पुनरुद्धार जल्द से जल्द किया जाये, ताकि यह फिर से क्षेत्र के लोगों के लिए जलस्रोत बन सके. अगर जल्द ही कदम नहीं उठाए गये, तो यह ऐतिहासिक तालाब हमेशा के लिए खत्म हो जायेगा. – रिंकू सीट, पावड़ा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ KUMAR

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By ANUJ KUMAR

ANUJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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