भारतीय रेलवे का नया कदम, यूपी के सभी स्टेशनों पर मॉडल कचरा प्रबंधन प्रणाली होगी लागू

प्रयागराज जंक्शन
UP News भारतीय रेलवे देशभर के स्टेशनों पर 'मॉडल स्टेशन' विकसित कर कचरा मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। स्थानीय निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त कमेटियां सफाई की निगरानी करेंगी।
UP News: रेलवे स्टेशनों पर मॉडल प्रबंधन भारतीय रेलवे देशभर में 'मॉडल स्टेशन' विकसित करेगा ताकि कचरा मुक्त और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सके. इसके लिए स्थानीय निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त कमेटियां बनेंगी. प्रयागराज रेलवे स्टेशन से निकलने वाले कचरे के बेहतर निस्तारण और यूपी के सभी रेलवे स्टेशनों को कचरा मुक्त बनाने के लिए 'मॉडल स्टेशन' विकसित किए जाएंगे. सफाई व्यवस्था को प्रभावी और परिणामदायक बनाने के लिए स्थानीय निकायों-यानी शहरों में नगर निगम, नगर पालिका और ग्रामीण इलाकों में नगर पंचायत, ग्राम पंचायतों-के साथ-साथ राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रेलवे अधिकारियों को मिलाकर विशेष संयुक्त कमेटियों का गठन किया जाएगा. ये कमेटियां सीधे तौर पर कचरा उठाने, उसके सही निस्तारण और सफाई अभियानों की नियमित निगरानी करेंगी, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पटरियों व स्टेशनों के आसपास स्वच्छता बनी रहे.
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास
कचरा प्रबंधन की इस प्रणाली को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. शुरुआती चरण में अलग-अलग आकार के पांच प्रमुख स्टेशनों के अलावा देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले रेलवे स्टेशनों को चुनकर उन्हें 'मॉडल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्टेशन' के रूप में विकसित किया जाएगा. इन मॉडल स्टेशनों पर कचरा एकत्र करने, उसे अलग करने और उसके निस्तारण का जो सफल ढांचा तैयार होगा, उसी को आधार बनाकर बाद में देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जाएगा. प्रयागराज को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
रेलवे बोर्ड का कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित निगरानी समिति (एससीएमसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के कड़े रुख के बाद रेलवे बोर्ड 22 जुलाई को इसके लिए सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर दिया है. पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन UP Newशाखा के कार्यकारी निदेशक विनय कुमार झा ने बताया कि देश सभी 70 रेलवे डिवीजनों (मंडलों) में से कम से कम एक-एक स्टेशन का चयन कर वहां वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा.
वैज्ञानिक अध्ययन और विशेष प्रशिक्षण
इसमें ट्रेनों, पटरियों और स्टेशन परिसरों से निकलने वाले सूखे, गीले और प्लास्टिक कचरे के प्रकार और उसकी मात्रा का सटीक आकलन होगा. इसी आंकड़े के आधार पर संबंधित स्टेशनों पर रीसाइक्लिंग और वेस्ट डिस्पोजल प्लांट स्थापित किए जाएंगे. सफाई के नए ठेकों में सूखा और गीला कचरा प्राथमिक स्तर पर ही अलग करने की शर्त अनिवार्य की जा रही है, जबकि सीपीसीबी कर्मचारियों को इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और कार्यशालाओं के जरिए प्रशिक्षित भी करेगा.
Also Read: यूपी में जौहर यूनिवर्सिटी पर संग्राम, आजम के गढ़ में उतरी सपा की पूरी फौज
इनपुट: शशांक मिश्रा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By राधेश्याम कुशवाहा
राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










