‘तबीयत खराब है, नहीं उड़ाऊँगा प्लेन’ बोर्डिंग से ठीक पहले इंडिगो पायलट के इनकार से वाराणसी एयरपोर्ट पर बवाल
पायलट के इनकार से वाराणसी एयरपोर्ट पर बवाल
Varanasi Airport: वाराणसी से मुंबई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया जब पायलट ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर विमान उड़ाने से इनकार कर दिया. यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई.
Varanasi Airport: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार को मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को लेकर यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली. फ्लाइट संख्या 6E-6544 के पायलट ने विमान उड़ाने से इनकार कर दिया. पायलट ने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए कहा कि वह विमान नहीं उड़ा पाएगा. मामले की जानकारी मिलने के बाद यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया.
बोर्डिंग से पहले यात्रियों को दी गई जानकारी
इंडिगो की ओर से विमान में यात्रियों की बोर्डिंग शुरू होने से पहले ही उन्हें पायलट के फ्लाइट ऑपरेट न कर पाने की जानकारी दी गई. इसके बाद यात्रियों ने एयरलाइंस पर नाराजगी जताई. यात्रियों का आरोप था कि उन्हें उड़ान को लेकर सही जानकारी नहीं दी गई. स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस ने विमान में बोर्डिंग रोक दी और बताया कि पायलट का इंतजाम किया जा रहा है.
सुबह 10:45 बजे मुंबई के लिए रवाना होनी थी फ्लाइट
फ्लाइट को गुरुवार सुबह 10:45 बजे वाराणसी से मुंबई के लिए उड़ान भरनी थी. पूरे मामले में एयरलाइंस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक पायलट की ड्यूटी का निर्धारित समय पूरा हो चुका था. इसी वजह से उसने विमान उड़ाने से इनकार किया.
पायलट की ड्यूटी और आराम के क्या हैं नियम?
नियमों के अनुसार, पायलट दिन में 10 घंटे और दो पायलट वाले क्रू सेटअप में अधिकतम 13 घंटे तक ड्यूटी कर सकते हैं. रात में ड्यूटी की सीमा 8 घंटे है. जरूरत पड़ने पर ड्यूटी को डेढ़ से दो घंटे तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके बदले पायलट को अनिवार्य आराम देना होता है. एक घंटे तक के एक्सटेंशन पर दोगुना और उससे अधिक एक्सटेंशन पर चार गुना आराम का प्रावधान है.
हफ्ते और साल में उड़ान की भी सीमा तय
पायलट एक सप्ताह में 35 घंटे और एक महीने में 100 से 125 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं. सालाना उड़ान की सीमा 1,000 घंटे और ड्यूटी की सीमा 1,800 घंटे है. सप्ताह में पायलट को पहले के 36 घंटे के बजाय 48 घंटे का आराम देना जरूरी है. आराम की अवधि पिछली फ्लाइट से कम-से-कम दोगुनी होनी चाहिए. वहीं, लगातार दो दिन से अधिक नाइट ड्यूटी नहीं की जा सकती और इस दौरान अधिकतम दो नाइट लैंडिंग की अनुमति है. एक सप्ताह में दो से ज्यादा नाइट लैंडिंग नहीं की जा सकती. एयरलाइंस को हर महीने फटीग-रिस्क रिपोर्ट भी देनी होती है. ऐसा नहीं करने पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
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