सोशल मीडिया बना पुलिस की तीसरी आंख! इंस्टाग्राम पोस्ट से मिली खतरे की आहट, जौनपुर में 9 महीने में बचाईं 20 लोगों की जान

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जौनपुर पुलिस ने 9 महीने में बचाई 20 लोगों की जान

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UP News: जौनपुर पुलिस सोशल मीडिया को अपनी तीसरी आंख बनाकर लोगों की जान बचा रही है. पिछले नौ महीनों में, उन्होंने सोशल मीडिया पर मिले संकेतों से 20 लोगों को आत्महत्या करने से रोका है. यह खास पहल कैसे काम कर रही है, जानिए.

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UP News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आत्महत्या की कोशिशों को रोकने में सोशल मीडिया पुलिस के लिए एक अहम अलर्ट सिस्टम बन रहा है. पिछले नौ महीनों में पुलिस ने सोशल मीडिया अलर्ट, मिशन शक्ति और डायल-112 की मदद से करीब 20 लोगों की जान बचाई है. इनमें कई मामलों में सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट या वीडियो से संभावित खतरे की जानकारी पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद टीम ने समय रहते संबंधित व्यक्ति तक पहुंचकर उसे सुरक्षित किया.

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सोशल मीडिया पोस्ट से मिली खतरे की जानकारी

पुलिस के अनुसार, आत्महत्या का प्रयास करने वालों में 25 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या अधिक है. इसके पीछे पारिवारिक परेशानी, बीमारी, नशा, वैवाहिक विवाद, प्रेम संबंधों में असफलता, कारोबार में नुकसान, परीक्षा में असफलता, किसी करीबी की मौत और आर्थिक परेशानी जैसे कारण सामने आए हैं. सोशल मीडिया कंपनियों के अलर्ट सिस्टम से पुलिस को ऐसी पोस्ट और वीडियो की जानकारी मिलने के बाद कई मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई.

इंस्टाग्राम वीडियो से मिला अलर्ट, युवक की बची जान

मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या से संबंधित वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था. मेटा की ओर से इसकी जानकारी पुलिस को अलर्ट के रूप में मिली. सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और युवक तक पहुंचकर उसकी जान बचाई. काउंसलिंग के दौरान युवक ने बताया कि प्रेम संबंध में असफलता के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाने का विचार किया था.

10 मिनट में घर पहुंची पुलिस

एक अन्य मामले में 22 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी चिंताजनक पोस्ट साझा की. सुबह 7:44 बजे मेटा की ओर से यह अलर्ट यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को मिला. टीम ने तत्काल युवक की लोकेशन ट्रेस कर रामपुर पुलिस को सूचना दी. पुलिस करीब 10 मिनट में उसके घर पहुंच गई और उसे सुरक्षित बचा लिया. परिजनों की मदद से युवक को संभाला गया और प्राथमिक उपचार कराया गया.

फंदे पर लटकी महिला को पुलिस ने बचाया

मछलीशहर थाना क्षेत्र में आत्महत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. महिला कमरे में फंदे पर लटकी मिली. पुलिस ने परिजनों की मदद से कमरे की खिड़की तोड़ी और महिला को नीचे उतारकर उसकी जान बचाई. इसके बाद उसे उपचार के लिए भेजा गया. इस मामले में भी समय पर मिली सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई अहम साबित हुई.

घटना के बाद नहीं, पहले पहुंच रही पुलिस

वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक और बीएचयू के मनोविज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. आरएन सिंह के अनुसार, आत्महत्या की प्रवृत्ति को समय रहते पहचान लिया जाए तो उसे नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने कहा कि लगातार तनाव, चिंता और नकारात्मकता से जूझ रहे लोगों की पहचान और समय पर सहयोग जरूरी है. जौनपुर पुलिस के अनुसार, इन मामलों में मिशन शक्ति, डायल-112 और सोशल मीडिया अलर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. पुलिसिंग के तरीके में भी बदलाव आया है- अब संभावित खतरे की सूचना मिलने पर पुलिस घटना होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही मौके पर पहुंचकर जान बचाने का प्रयास कर रही है.

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