पारुलिया हाइस्कूल को मिला प्लस टू का दर्जा
Updated at : 27 Apr 2024 11:42 PM (IST)
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अब इंटर के लिए बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा, विद्यार्थियों और शिक्षकों में खुशी
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गौरव पाल, बरसोल
बहरागोड़ा प्रखंड की पारुलिया हाइस्कूल छोटापारुलिया को प्लस टू का दर्जा मिलने से छात्र-छात्राओं समेत अभिभावकों में खुशी का माहौल है. इससे पारुलिया, ब्रामनकुंडी, कुमारडुबी पंचायत के दर्जनों गांव के ग्रामीणों में खुशी है. प्लस टू का दर्जा मिलने के बाद अब बच्चों को प्लस टू की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. अब तक बच्चों को प्लस टू की पढ़ाई के लिए झांझिया, जयपुरा व बहरागोड़ा जाना पड़ता था. इससे बच्चों को कई कारणों से प्लस टू की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती थी. अभिभावकों का कहना है कि अब जब प्लस टू का दर्जा विद्यालय को दे दिया गया है तो विद्यालय में शिक्षकों की बहाली भी होनी चाहिए.1950 में हुई थी पारुलिया हाई स्कूल की स्थापन
पारुलिया हाई स्कूल छोटापारुलिया की स्थापना वर्ष 1950 में बिहार सरकार के समय हुआ था. उस समय पांचवीं कक्षा तक ही बच्चों की पढ़ाई होती थी. बाद में मध्य विद्यालय बना. उसके बाद उच्च विद्यालय का दर्जा मिला. इस बार विद्यालय को प्लस टू का दर्जा दिया गया है. विद्यालय में करीब 450 बच्चे नामांकित हैं. कक्षा नौवीं में 76 व 10 वीं में 69 बच्चे नामांकित है. मैट्रिक के बाद प्लस टू की पढ़ाई में विशेष कर छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. वर्तमान में विद्यालय में आठ शिक्षक कार्यरत हैं. इसमें प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रणव घोष, रुपक दे, मंजीत धाबड़िया, सोमनाथ बोस, वरुण साहू, राजेश दत्त, अजीमुद्दीन शेख, पंचानन भद्र शामिल हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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