ePaper

East Singhbhum News : जून में आठ गुना बारिश ने किसानों की बढ़ायी परेशानी, फसलें हुईं बर्बाद

Updated at : 19 Jul 2025 11:37 PM (IST)
विज्ञापन
East Singhbhum News : जून में आठ गुना बारिश ने किसानों की बढ़ायी परेशानी, फसलें हुईं बर्बाद

DCIM100MEDIADJI_0190.JPG

4688 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य, 18 जुलाई तक 50 हेक्टेयर में हुई रोपनी

विज्ञापन

मुसाबनी. मुसाबनी में इस वर्ष जून में पिछले वर्ष की तुलना में करीब आठ गुना अधिक बारिश हुई है. जून 2024 में मुसाबनी में 55.8 मिमी बारिश हुई थी. वहीं इस वर्ष रिकॉर्ड 427.8 मिमी बारिश हुई है. मई 2024 में 68.44 मिमी बारिश हुई थी. वहीं इस वर्ष मई माह में 139 मिमी बारिश हुई. पिछले वर्ष जुलाई माह में 307 मिमी बारिश हुई थी, इस वर्ष 18 जुलाई तक 212.4 मिमी बारिश हो चुकी है. इस वर्ष मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बारिश होने से खरीफ की खेती करने वाले किसान परेशान हैं. अत्यधिक बारिश से समय पर धान का बिचड़ा तैयार नहीं कर पा रहा है. अत्यधिक बारिश से देवली, गोहला के सब्जी उत्पादक किसानों की खेतों में लगे सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा है. सब्जी के पौधे लगातार बारिश से बर्बाद हो गये. झींगा, बरबटी, नेनुआ, कद्दू, मिर्च, मकई आदि पौधों को भारी नुकसान हुआ है. लगातार हो रही बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है. सब्जी की खेती को हुए नुकसान के कारण काफी कम मात्रा में सब्जी खेतों से निकल रहे हैं. बाजार में सब्जी की आपूर्ति काफी कम है. इसके कारण सब्जी के दाम काफी बढ़े हैं. आम आदमी की थाली से सब्जी दूर है.

मुसाबनी : 4688 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य, 18 जुलाई तक 50 हेक्टेयर में हुई रोपनी

मुसाबनी में अब तक केवल एक प्रतिशत धान का आच्छादन हुआ है. 18 जुलाई तक प्रखंड में करीब 50 हेक्टेयर धान की रोपनी हुई है. प्रखंड में खरीफ धान की खेती का रकबा 4688 हेक्टेयर है. प्रखंड में 700 हेक्टेयर में मकई की खेती का लक्ष्य है. जबकि केवल 1.2 हेक्टेयर में ही मकई की खेती हुई है. अरहर, उरद, मूंग, कुलथी आदि दलहन की फसल का लक्ष्य 1503 हेक्टेयर का है. अब तक केवल दो हेक्टेयर में ही दलहन की खेती हुई है. मूंगफली, तिल, सोयाबीन, सूरजमुखी जैसे तेलहन की खेती का लक्ष्य 157 हेक्टेयर है. प्रखंड में तेलहन की खेती नहीं के बराबर हुई है. प्रखंड में मोटे अनाज ज्वार, बाजरा, मडुआ की खेती का लक्ष्य 47 हेक्टेयर है. अभी तक मोटे अनाज की बुआई नहीं हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ATUL PATHAK

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola