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पूर्वी सिंहभूम : अस्पतालों में डेढ़ माह से टीबी की दवा खत्म, जिले के 3600 मरीजों की बिगड़ रही स्थिति

Updated at : 16 May 2024 12:01 AM (IST)
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पूर्वी सिंहभूम : अस्पतालों में डेढ़ माह से टीबी की दवा खत्म, जिले के 3600 मरीजों की बिगड़ रही स्थिति

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जिले के 11 प्रखंडों के मरीज व उनके परिजनों की चिंता बढ़ी, घुटिया, दारीसाई, बासाडेरा, हलुदबनी के सबर मरीज बेहाल, टीबी मरीजों के पौष्टिक आहार के लिए हर माह 500 रुपये मिलते हैं

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घाटशिला. पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी 11 प्रखंडों में करीब डेढ़ माह से टीबी बीमारी की दवा नहीं है. यह आउट ऑफ स्टॉक और आउट आउट ऑफ मार्केट है. सभी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की दवा नहीं है. जिले में फिलहाल टीबी के 3600 मरीज हैं. दवा के अभाव में उनकी हालत बिगड़ रही है. सबसे ज्यादा परेशानी सबर-बिरहोर टीबी मरीजों को है. उनके पास न पौष्टिक आहार है न आराम. घाटशिला प्रखंड के सबर बहुल घुटिया, दारीसाई, हलुदबनी, केशरपुर, गुड़ाझोर, बासाडेरा आदि जगहों के सबर टीबी से पीड़ित हैं, उन्हें दवा नहीं मिलने से हालत खराब हो रही है. उनके परिजन चिंतित हैं.

लोस चुनाव के कारण दवा आपूर्ति का टेंडर नहीं हुआ

स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के अनुसार, लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ टेंडर रुक गया. ऐसे में टीबी की दवा की आपूर्ति नहीं हो रही है. पूर्वी सिंहभूम ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में टीबी की दवा आउट ऑफ स्टॉक है. किसी सरकारी अस्पताल में टीबी की दवा नहीं है. स्वास्थ्य पदाधिकारी कहते हैं कि टीबी मरीज को कई फेज में दवा दी जाती है. फेज वन प्रथम दो माह के मरीज, चार माह और छह माह के मरीज को तीन किस्म की दवा दी जाती है. किसी किस्म के दवा नहीं है. फेज वन प्रथम दो माह की दवा नहीं मिलने से मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है.

बाजार में भी टीबी की दवा नहीं :

बाजार में निजी दवा दुकानों में भी टीबी की दवा नहीं है. दुकानदार कहते हैं टीबी मरीजों का इलाज सरकारी अस्पताल में होता है. ऐसे में खुले बाजार टीबी की दवा नहीं रखते.

—कोट—

यह सच है कि जिले में टीबी की दवा आउट ऑफ स्टॉक है. जिले के सभी प्रखंडों में करीब 3600 टीबी मरीज हैं, जो अंडर ट्रीटमेंट हैं. उन्हें दवा की जरूरत है. करीब एक-डेढ़ माह से दवा की आपूर्ति ठप है. लोकसभा चुनाव के कारण टेंडर नहीं होने से ऐसी स्थिति हुई है. हम लोगों ने रिपोर्ट की है. जल्द टीबी की दवा आयेगी, तो सभी सीएचसी में आपूर्ति की जायेगी.

– ओम प्रकाश केसरी, जिला टीबी ऑफिसर (डीटीओ)करीब एक-डेढ़ माह से टीबी की दवा आउट ऑफ स्टॉक है. प्रथम दो माह के मरीज के लिए दवा जरूरी है. टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए 500 रुपये माह सरकारी स्तर पर दिया जाता है, जो मिल रहा है. दवा नहीं मिलने से कई मरीजों की हालत खराब हो सकती है. सबर-बिरहोर मरीजों को दवा जल्द मिलनी चाहिए. हमने रिपोर्ट जिला भेजी है. उम्मीद है जल्द दवा आयेगी.

– डॉ आरएन सोरेन, अनुमंडल चिकित्सा प्रभारी, घाटशिला

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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