सरकार ने गलत किया, तो बतायें बेहतर क्या हो

Updated at : 14 Dec 2016 5:36 AM (IST)
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सरकार ने गलत किया, तो बतायें बेहतर क्या हो

घाटशिला में सीएनटी पर संवाद कार्यक्रम. माझी परगना महाल की बैठक में पहुंचे विधायक लक्ष्मण टुडू, कहा घाटशिला : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर मंगलवार को घाटशिला के माझी परगना महाल भवन में पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल के तत्वावधान में बैठक की गयी. इसकी अध्यक्षता देश परगना बैजू मुर्मू ने की. इसमें विधायक […]

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घाटशिला में सीएनटी पर संवाद कार्यक्रम. माझी परगना महाल की बैठक में पहुंचे विधायक लक्ष्मण टुडू, कहा

घाटशिला : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर मंगलवार को घाटशिला के माझी परगना महाल भवन में पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल के तत्वावधान में बैठक की गयी. इसकी अध्यक्षता देश परगना बैजू मुर्मू ने की. इसमें विधायक लक्ष्मण टुडू भी शामिल हुए. बैठक में वक्ताओं ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध किया. इसके बाद विधायक श्री टुडू ने कहा कि यह संशोधन आदिवासियों के हित में है. इससे आदिवासियों का विकास होगा. आदिवासी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे.
उन्होंने कहा अगर सरकार ने गलत किया है, तो आप बतायें अच्छा क्या हो चाहिए. इस संशोधन से सरकार आदिवासियों के विकास का रास्ता खोलना चाहती है. विधायक अपना विचार रख रहे थे कि लोगों ने हंगामा व विरोध शुरू कर दिया. पूर्व विधायक यदुनाथ मांडी, सूर्य सिंह बेसरा आदि ने लोगों को शांत कराया. देश परगना ने कहा- संशोधन मंजूर नहीं : बैठक के अंत में देश परगना बैजू मुर्मू ने अपना फैसला सुनाया कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन महाल को मंजूर नहीं है.
इस संशोधन पर ग्राम सभा से मत लिया जाये.राज्यपाल तक पहुंचायेंगे आपके विचार : विधायक: देश परगना के फैसले के बाद विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि आपके विचारों को राज्यपाल तक पहुंचायेंगे. साथ में देश परगना भी शामिल हो, तो बेहतर होगा. बैठक का संचालन देश विचार सचिव बहादुर सोरेन ने किया. बैठक में पूर्व मंत्री यदुनाथ बास्के, पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, पूर्व विधायक सह झामुमो जिलाध्यक्ष रामदास सोरेन, जिला परिषद सदस्य तुलसी मुर्मू, डीसी मुर्मू, महाल के महासचिव रामचंद्र मुर्मू, दासमात हांसदा, पुंता मुर्मू, ललीता मुर्मू, युवराज टुडू, लखन मार्डी, सुफल मुर्मू, शंकर चंद्र हेंब्रम, प्रधान सोरेन, लेदेम किस्कू,
कुशल सोरेन, बाघराय मार्डी, कृष्णा हेंब्रम, जुगू हांसदा, खुदी राम हांसदा, ठाकुर मार्डी, टिबु राम मुर्मू, दीपक मुर्मू, दशरथ सिंकू, पिथो हांसदा, सुनील मुर्मू, फागू मार्डी उपस्थित थे.
विधायक के जवाब से असंतुष्ट लोगों ने बैठक में किया हंगामा, सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का वक्ताओं ने किया विरोध
संशोधन से आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में : बुद्धेश्वर
धर्मबहाल के पंचायत समिति के सदस्य बुद्धेश्वर मार्डी ने कहा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन से आदिवासी शोभा बन कर रह जायेंगे. विधायक अपनी जाति को बचाने में आगे आयें. इस संशोधन का विरोध करें. सीएनटी -एसपीटी एक्ट आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए जरूरी है. संशोधन में ग्राम सभा का जिक्र नहीं : युवराज मुर्मू :
युवराज मुर्मू ने कहा कि संशोधन में ग्राम सभा का जिक्र नहीं है. ग्रामसभा सर्वोपरी होती है. रघुवर सरकार ने संशोधन के लिए ग्रामसभा की सहमति नहीं ली.
मां, माटी और बेटी की कीमत पर विकास मंजूर नहीं : बिक्रम बेसरा
बिक्रम बेसरा ने कहा मां, माटी और बेटी की कीमत पर हमें ऐसा संशोधन मंजूर नहीं होगा. उन्होंने विधायक के तर्क को सिरे से खारिज कर दिया.
सरकार आदिवासियों को नौकरी दे : बाघराय
मुसाबनी के जिप सदस्य बाघराय मार्डी ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में कोई संशोधन नहीं हो. सरकार अगर आदिवासियों की हितैषी बनना चाहती है, तो उन्हंे नौकरी दे. खुदी राम हांसदा, भूतनाथ हांसदा, सोमाय टुडू, समेत अन्य वक्ताओं ने भी विरोध किया.
बैठक के बाद सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी
बैठक में विधायक लक्ष्मण टुडू के तर्क को उपस्थिति लोगों ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा यह संशोधन आदिवासियों के हित में नहीं है. कई लोगों ने विधायक से बहस कर ली. एक शख्स ने अंगुली दिखा कर विधायक से कुछ कहा. इसपर विधायक ने कहा- अंगुली दिखा कर बात न करें. बैठक के अंत भारी हंगामा हुआ. बैठक की समाप्ति के बाद विधायक लक्ष्मण टुडू निकलने लगे, तो लोगों ने राज्य सरकार हाय-हाय, विधायक वापस जाओ जैसे नारे लगाये.
पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने कहा संशोधन के लिए विस में प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी. विधायकों से डिबेट नहीं किया गया. जिस विधेयक को पढ़ने में साढ़े आठ मिनट का समय लगता, उसे सिर्फ ढाई मिनट में पारित किया गया. उन्होंने कहा कि विधायक कह रहे हैं कि एक्ट में 26 बार संशोधन हुआ. विधायक बतायें कि कब-कब संशोधन हुए. सीएनटी-एसपीटी एक्ट को आदिवासियों ने भीख मांग कर नहीं लिया. यह आदवासियों की कुर्बानी का नतीजा है. उन्होंने विधायक लक्ष्मण टुडू से सवाल किया कि उनके दल के 28 विधायक ने अपने प्रदेश अध्यक्ष और राज्यपाल को संशोधन पर विचार करने के लिए कहा था, तो उसका क्या हुआ. जब संशोधन प्रस्ताव पास हुआ, तो वे चुप क्यों थे. श्री सोरेन ने कहा कि ग्राम सभा में बैठक कर संशोधन का विरोध करें.
पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि सीएनटी- एसपीटी एक्ट में संशोधन कर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने असंवैधानिक कार्य किया है. इसके लिए ग्राम सभा की अनुमति नहीं ली गयी. राज्य में 32,626 ग्राम सभा है. ग्रामसभा सर्वोपरी है. दोनों एक्ट आदिवासियों की कुर्बानी से आदिवासियों की रक्षा के लिए बने थे. आज राज्य में आदिवासियों की संख्या घट रही है. राज्य बना तो आदिवासियों की आबादी 28 प्रतिशत थी. आज मात्र 23 प्रतिशत रह गयी है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन हुआ, तो आदिवासियों का अस्तित्व मिट जायेगा. यह समय राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के लिए अग्नि परीक्षा है.
ग्राम सभा की सहमति के बिना संशोधन मंजूर नहीं : देश परगना
माझी परगना भवन में विधायक लक्ष्मण टुडू के जवाब से लोग संतुष्ट नहीं हुए. सभी ने एक स्वर से कहा संशोधन आदिवासियों के हित में नहीं है. इसके बाद देश परगना बैजू मुर्मू ने फरमान जारी किया कि महाल इस नतीजे पर पहुंचा है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की सहमति के बगैर संशोधन किसी हाल में मंजूर नहीं होगा. विधायक लक्ष्मण टुडू के तर्क को महाल खारिज करता है.
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