लापरवाही से मौत हुई, कोर्ट जाऊंगा विचाराधीन कैदी की मौत. छाटे भाई ने कहा

Published at :07 Oct 2016 6:26 AM (IST)
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लापरवाही से मौत हुई, कोर्ट जाऊंगा विचाराधीन कैदी की मौत. छाटे भाई ने कहा

बदन सोरेन की हत्या के आरोप में घाटशिला उपकारा में बंद था छोटे सोरेन तबीयत खराब होने की सूचना 30 सितंबर को पत्र के माध्यम से मिली 5 अक्तूबर को इलाज के दौरान एमजीएम में मौत हो गयी घाटशिला : घाटशिला उपकारा में बंद एदलेबेड़ा गांव के छोटे सोरेन की मौत इलाज के दौरान एमजीएम […]

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बदन सोरेन की हत्या के आरोप में घाटशिला उपकारा में बंद था छोटे सोरेन

तबीयत खराब होने की सूचना 30 सितंबर को पत्र के माध्यम से मिली
5 अक्तूबर को इलाज के दौरान एमजीएम में मौत हो गयी
घाटशिला : घाटशिला उपकारा में बंद एदलेबेड़ा गांव के छोटे सोरेन की मौत इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में पांच अक्तूबर को हो गयी. गुरुवार को उसके भाई गुही राम सोरेन ने कहा कि इस मामले में वे चुप नहीं बैठेंगे, न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे. चिकित्सा में लापरवाही से उसके भाई की मौत हुई है. वे न्याय के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के पास भी जायेंगे. उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में गांव में सरस्वती पूजा के दौरान बदन सोरेन की हत्या हुई थी. इसी हत्या के आरोप में उसके बड़े भाई छोटे सोरेन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
उन्होंने कहा कि छोटे सोरेन की पत्नी जसमीन सोरेन छह साल से पति के छुटने का इंतजार कर रही है. एमजीएम से मोबाइल के माध्यम से सूचित किया गया कि इलाज के दौरान बंदी की मौत हो गयी है. श्री सोरेन ने बताया कि घाटशिला उपकारा से छोटे सोरेन की जिस समय तबीयत बिगड़ी थी. इसकी सूचना उपकारा से 30 सितंबर 2016 को डाक द्वारा पत्र भेज कर की गयी थी. उन्होंने कहा कि एदेलबेड़ा में बाई पोस्ट चिट्ठी पहुंचने में चार दिन समय लगता है. उन्होंने बताया कि एदेलबेड़ा के
पोस्टमास्टर के पत्रांक 1340 से सूचना मिलती है कि छोटे सोरेन की तबीयत खराब है. उनका पुत्र मोसो सोरेन है. मोसो ने आरोप
लगाया कि चिकित्सा में लापरवाही बरतने के कारण छोटे सोरेन की मौत हुई है.
मृतक की पत्नी और भाई.
पत्र से पत्नी को मिली पति की मौत की सूचना
घाटशिला थानांतर्गत एदेलबेड़ा गांव के छोटे सोरेन (62) की इलाज के दौरान एमजीएम में मौत की सूचना दूसरे दिन गुरुवार को उसकी पत्नी को उपकारा अधीक्षक को भेजे गये पत्र के माध्यम से मिली. गुरुवार की सुबह मृतक की पत्नी जसमीन सोरेन को उपकारा अधीक्षक की ओर से भेजा गया पत्र रिसीव कराया गया. खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. इस मामले में मृतक के भाई गुही राम सोरेन ने बताया कि उपकारा से पत्रांक संख्या 1378, दिनांक 5 अक्तूबर को उपकारा के कर्मचारी के हाथों पत्र भेजा गया है. पत्र में छोटे सोरेन की मौत की सूचना अंकित है. मृतक की पत्नी जसमीन सोरेन से पत्र रिसीव कराया गया.
मेडिकल बोर्ड के समक्ष हुआ कैदियों का पोस्टमार्टम
घाटशिला जेल के दोनों कैदी विभूति महतो और छोटा सोरेन के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को मेडिकल बोर्ड के गठन करने के बाद किया गया. इस दौरान मेडिकल बोर्ड के सदस्यों के साथ दंडाधिकारी के रूप में अनीता केरकेट्टा मौके पर मौजूद थीं. पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव उनके परिजनों के हवाले कर दिये गये. दोनों कैदियों के मौत का कारण बीमारी बतायी जा रही है. गौरतलब है कि बीमारी होने के कारण कैदी विभूति महतो और छोटा सोरेन को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां बुधवार की सुबह 11 बजे विभूति महतो और शाम चार बजे छोटा सोरेन की मौत हो गई थी.
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