धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के मानिकाबेड़ा में सात चापाकल हैं. इसमें से एक ठीक है और छह खराब हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. एक चापाकल ठीक है. मगर उसमें से गंदा पानी निकलता है. जो पीने लायक नहीं है. खाना पकाने और नहाने लायक भी नहीं है. गांव में तीन कुआं है. एक कुआं का पानी गंदा हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड है.
कंपनी में दो डीप बोरिंग हुई है. इससे चौबीसों घंटे मोटर चलता रहता है. डीप बोरिंग के कारण चापाकल फेल हो गये हैं. कुआं सूख गये हैं. चार साल पूर्व तक गांव में पेयजल समस्या नहीं थी.

