भवन में लोकल छड़ का प्रयोग, 150 रुपये दी जा रही है मजदूरी

Published at :25 Jul 2015 11:57 PM (IST)
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भवन में लोकल छड़ का प्रयोग, 150 रुपये दी जा रही है मजदूरी

विधायक कुणाल षाड़ंगी और पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने ठेकेदार को दी चेतावनी गालूडीह : घाटशिला के गालूडीह बराज स्थित कस्तूरबा स्कूल के बगल में ही राष्ट्रीय शिक्षा परियोजना के तहत करीब 1.5 करोड़ की लागत से छात्रवास भवन के निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है. निर्माण कार्य रांची के आरपी सिंह […]

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विधायक कुणाल षाड़ंगी और पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने ठेकेदार को दी चेतावनी
गालूडीह : घाटशिला के गालूडीह बराज स्थित कस्तूरबा स्कूल के बगल में ही राष्ट्रीय शिक्षा परियोजना के तहत करीब 1.5 करोड़ की लागत से छात्रवास भवन के निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है.
निर्माण कार्य रांची के आरपी सिंह कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है. कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है. भवन में लोकल छड़ का प्रयोग हो रहा है.
मजदूरों को 150 रुपये की दर से मजदूरी दी जा रही है. यहां पहुंचे बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी और घाटशिला के पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने भवन के निर्माण स्थल पर मजदूरों से बात की. मजदूरों ंने कहा कि 150 रुपये की दर से मजदूरी दी जा रही है. भवन में लोकल छड़ का प्रयोग हो रहा है. कार्य स्थल पर बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. रामदास सोरेन ने कार्य स्थल पर उपस्थित मुंशी से पूछा कौन काम करवा रहा है. मुंशी ने कहा कि आरपी सिंह कंस्ट्रक्शन का काम है. कौशल सिंह संवेदक हैं.
फिर ठेकेदार ने संवेदक से दूरभाष पर बात करायी गयी. रामदास सोरेन ने कहा कि मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दी जाये. कार्य स्थल बोर्ड लगाया जाये. गुणवत्ता पूर्ण काम किया जाये, अन्यथा काम रोक दिया जायेगा. इस दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक भी यहां पहुंचे. उन्हें भी नेताओं ने कार्य की गुणवक्ता को दिखाते हुए विभागीय जांच कराने की मांग की
श्रम विभाग ने संवेदक को भेजा है पत्र
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि कस्तूरबा छात्रवास भवन निर्माण में 150 रुपये की दर से मजदूरी दिये जाने की जानकारी मिली है. कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं होने से यह जानकारी नहीं मिली संवेदक कौन है. श्रम विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा परियोजना कार्यपालक अभियंता के नाम पत्र भेज कर कहा कि मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दिलायी जाये, अन्यथा श्रम विभाग संवेदक पर कार्रवाई करेगा.
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