‘मामा’ को 10 साल का कारावास

Published at :07 Jun 2015 8:41 AM (IST)
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‘मामा’ को 10 साल का कारावास

दुष्कर्म मामला : बहरागोड़ा के प्रवीर गिरी को सजा व 10 हजार जुर्माना जुर्माना नहीं भरने पर डेढ़ माह की अतिरिक्त सजा घाटशिला : बहरागोड़ा के चर्चित मामा उर्फ प्रवीर गिरी को घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने बलात्कार करने के मामले में 10 साल की सश्रम कारावास […]

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दुष्कर्म मामला : बहरागोड़ा के प्रवीर गिरी को सजा व 10 हजार जुर्माना
जुर्माना नहीं भरने पर डेढ़ माह की अतिरिक्त सजा
घाटशिला : बहरागोड़ा के चर्चित मामा उर्फ प्रवीर गिरी को घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने बलात्कार करने के मामले में 10 साल की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना की राशि नहीं भरने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी पड़ेगी.
कोर्ट ने मामा को भादवि की धारा 201 के तहत पांच साल की सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना की राशि नहीं भरने पर आरोपी को डेढ़ माह अतिरिक्त जेल की सजा काटनी पड़ेगी. आरोपी की ओर से पैरवी अधिवक्ता मदन मोहन दरीपा, संपन नंदा और शंभु पंडा ने की. एपीपी बीजी महंती थे.
पीड़िता के बयान पर दर्ज हुआ था मामला
इस संबंध में बहरागोड़ा थाना में पीड़िता के बयान पर कांड संख्या 22/2014, दिनांक 16 फरवरी 14, भादवि की धारा 376, 313, 379, 120 (बी) और 506 के तहत मामा उर्फ प्रवीर कुमार गिरी तथा शिशिर प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी. दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता ने बताया था कि उसका पति उसके साथ मारपीट करता था. इस संबंध में थाना में केस हुआ था.
मामा ने केस को सुलझाने का आश्वासन दिया था. वह उसे बारीपादा के एक होटल में ले गया. लस्सी में नशा मिला कर पिलाया. वह लस्सी पीने के बाद बेहोश हो गयी. जब उसे होश आया तो उसने देखा कि उसके शरीर पर कपड़े नहीं है. वह रोने लगी. मेरी इच्छा के विरुद्ध मामा ने कई वर्षो से यौन शोषण किया.
13 मई 14 से है मामा जेल में
आरोपी को पुलिस ने ओड़िशा के लॉज से पकड़ा था. उसे पुलिस ने 13 मई 2014 को जेल भेज दिया था. तब से मामा घाटशिला उपकारा में बंद है. उसकी अग्रिम जमानत याचिका घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नौ अप्रैल 14 को नामंजूर कर दी थी. वहीं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसकी जमानत याचिका 28 मई 14 को नामंजूर कर दी थी.
मेरे साथ अन्याय हुआ : मामा
कोर्ट में सजा मिलने के बाद मामा उर्फ प्रवीर गिरी ने कहा कि उसके साथ न्याय नहीं अन्याय हुआ है. वह इस मामले में निदरेष थे, मगर उन्हें सजा मिली.
कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया
एपीपी बीजी महंती ने कहा कि उन्होंने कोर्ट से बलात्कार के आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की थी. कोर्ट ने दोषी को सजा दी. महिला के साथ बलात्कार करने के आरोपी के विरुद्ध अहम फैसला सुनाया.
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