चावल की कमी से 152 केंद्रों में खिचड़ी हुई बंद

Updated at : 08 Dec 2017 5:35 AM (IST)
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चावल की कमी से 152 केंद्रों में खिचड़ी हुई बंद

चाकुलिया. एसएफसी गोदाम में चावल की हेराफेरी चाकुलिया : चाकुलिया के 152 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिसंबर से चावल के अभाव में खिचड़ी नहीं बन रहा है. केंद्रों में बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है. इसका कारण एसएफसी के गोदाम में चावल की हेराफेरी बतायी जा रही है. बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षिका […]

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चाकुलिया. एसएफसी गोदाम में चावल की हेराफेरी

चाकुलिया : चाकुलिया के 152 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिसंबर से चावल के अभाव में खिचड़ी नहीं बन रहा है. केंद्रों में बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है. इसका कारण एसएफसी के गोदाम में चावल की हेराफेरी बतायी जा रही है. बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षिका सविता सिन्हा का कहना है कि केंद्रों के लिए आवंटित 127. 32 क्विंटल चावल एसएफसी के तत्कालीन गोदाम प्रबंधक ने नहीं दिया. दिसंबर से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में खिचड़ी पकना बंद है. बुधवार को मुटुरखाम केंद्र में नामांकित 26 बच्चों में से सिर्फ नौ बच्चे आये थे. सभी बच्चों को भूखे ही घर जाना पड़ा. सेविका धनमुनी हेंब्रम ने कहा कि खिचड़ी नहीं बनने के कारण बच्चे कम आ रहे हैं. चावल के अभाव में खिचड़ी नहीं बन रही है.कुछ ऐसा ही हाल सभी केंद्रों का है.
पर्यवेक्षिका के मुताबिक गोदाम से 127.32 क्विंटल चावल नहीं दिया गया. इसकी जानकारी संबंधित वरीय पदाधिकारी को पत्र लिखकर दी गयी है. एसएफसी गोदाम को वर्ष 2016 के अक्तूबर, नवंबर तथा दिसंबर का 400 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया था. इसमें से उन्होंने 279 क्विंटल चावल का उठाव किया. 121 क्विंटल चावल गोदाम में शेष रह गया. वर्ष 2017 के जनवरी, फरवरी व मार्च मद में 200 क्विंटल चावल एसएफसी गोदाम में चावल भेजा गया. इस तरह कुल 321 क्विंटल चावल का उठाव एसएफसी से करना था. 31 मई 2017 को तत्कालीन गोदाम प्रबंधक ने 321 क्विंटल में से 193.68 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया. इस तरह 127.32 क्विंटल चावल गोदाम में शेष रह गया. इसके बाद गोदाम प्रबंधक ने कहा कि चावल नहीं है. इस मसले पर तत्कालीन प्रभारी गोदाम प्रबंधक उमेश यादव से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका.
एसएफसी गोदाम से बाल विकास परियोजना को 127 क्विंटल चावल नहीं दिया गया
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही
पर्यवेक्षिका ने वरीय पदाधिकारी को लिखा पत्र
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