मनंजय व शिवशंकर की मौत ने छीना बुढ़ापे का सहारा

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मनंजय व शिवशंकर की मौत ने छीना बुढ़ापे का सहारा

शव गांव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन, विभीषण के परिजन अंतिम संस्कार के लिए भी थे असमर्थ

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हंसडीहा. दुमका–भागलपुर मुख्य मार्ग पर हंसडीहा थाना क्षेत्र के महादेवगढ़ गांव के पास शनिवार की रात दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी थी. शवों का रविवार को पाेस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब शिवशंकर और विभीषण का शव गांव लाया गया तो परिजनों के रोने-बिलखने से पूरा गांव गम में डूब गया. वातावरण शोकाकुल हो उठा. ग्रामीणों ने बताया कि विभीषण तीन भाइयों में सबसे बड़ा था, जबकि शिवशंकर अपने परिवार का इकलौता पुत्र था. दोनों ही मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. बताया कि दोनों मृतक अपने-अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे. जिन पर पूरा परिवार निर्भर था. वहीं मृतक विभीषण महतो की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण परिजन अंतिम संस्कार करने में भी असमर्थ थे. स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया. इसके अतिरिक्त हंसडीहा पंचायत की मुखिया आशा हेंब्रम ने भी शोक संतप्त परिवार को नकद सहायता राशि दी. वहीं दुमका के सोनवाडंगाल के रहनेवाले मनंजय की शादी दिसंबर 2024 में हुई थी. शादी के महज दस महीने बाद ही मौत की खबर ने पूरे परिवार व सगे-संबंधियों को झकझोर कर रख दिया है. नवविवाहिता पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. मनंजय के परिवार पर यह दूसरा बड़ा हादसा है. वर्ष 2023 में उसके बड़े भाई मृत्युंजय की भी बीमारी के दौरान मौत हो गई थी. अब परिवार के आखिरी चिराग के भी बुझ जाने से पिता विनोद दास और माता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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Rakesh Kumar

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