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नौ महीने पहले ही कर दी थी साली की हत्या, हत्यारे सहयोगी संग जीजा गिरफ्तार

Updated at : 29 Aug 2025 11:38 PM (IST)
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नौ महीने पहले ही कर दी थी साली की हत्या, हत्यारे सहयोगी संग जीजा गिरफ्तार

खुलासा. दूसरे के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवा पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था. उसकी हत्या खुद उसके जीजा ने किया था.

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दुमका. दुमका जिला के काठीकुंड थाना क्षेत्र की 20 वर्षीय शैम्पू खातून की हत्या नौ महीना पहले ही 25 दिसंबर 2024 को हो चुकी थी. उसकी हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि खुद उसके जीजा ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर किया था. यही जीजा पड़ोस में रहनेवाले एक लड़के के विरुद्ध शैम्पू के अपहरण की झूठी प्राथमिकी दर्ज करा दी थी और बार-बार पुलिस-प्रशासन तक पहुंचकर अलग-अलग तरीके से दवाब बनाने का प्रयास कर रहा था, जबकि पुलिस ने नामजद बनाये गये युवक के बारे में जानकारी जुटा चुकी थी कि वह घटना के समय असम में था और एक महीने के दौरान वह आया भी नहीं था. लगातार अनुसंधान के बाद पुलिस ने जीजा को हिरासत में लिया और सख्ती दिखायी तो खुलासा हो गया कि दोनों ने मिलकर हत्या की है और शव को बोरे में बंद कर पत्थर बांधकर कुएं में फेंक दिया है. पुलिस ने शव भरे बोरे को कुंए से बरामद कर लिया है. अब उसका डीएनए मैच कराकर पुष्टि भी करायी जाएगी कि शव शैम्पू खातून का ही है. बहरहाल मामले में पुलिस ने मृतका के जीजा करीम अंसारी और उसके सहयोगी शाहिद अंसारी को गिरफ्तार किया है.

25 दिसम्बर 2024 से थी लापता :

यह मामला 25 दिसम्बर 2024 से शुरू हुआ था जब मधुबन गांव निवासी शैम्पू खातून अचानक गायब हो गयी. तलाकशुदा शैम्पू की गुमशुदगी का आवेदन उसके पिता खैरुद्दीन अंसारी ने 03 जनवरी 2025 को थाना में दिया था. इसके बाद 07 मई 2025 को उन्होंने गांव के ही बाबू मोहली के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था.

एसआईटी ने खोला राज :

एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार के निर्देश पर एसडीपीओ विजय कुमार महतो के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जीजा करीम अंसारी और उसके साथी शाहिद अंसारी को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया. पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि 25 दिसम्बर 2024 को ही शैम्पू की हत्या कर शव को बोरे में भरकर धमना पहाड़ी के पास एक कुएं में फेंक दिया था. शव गुरुवार देर रात बरामद किया गया.

जीजा की रही थी बुरी नज़र :

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के जीजा करीम अंसारी की नजर अपनी शाली शैम्पू पर थी. पर शैम्पू ने कभी उसे भाव नहीं दिया. एक बार छेड़छाड़ करने पर शैम्पू ने शोर मचा दिया था जिससे ग्रामीणों ने करीम की पिटाई कर दी थी. इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने शैम्पू की हत्या की साजिश रची. पूछताछ में करीम ने बताया कि 25 दिसम्बर 2024 को उसने पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर शैम्पू को बाइक से बुलाया. रास्ते में सहयोगी शाहिद के साथ मिलकर उसका गला दबा दिया. शव को बोरे में भरकर भारी पत्थर बांध कर कुएं में फेंक दिया.

एसपी बोले – डीएनए टेस्ट कराया जाएगा :

एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि शुरुआती जांच में बाबू मोहली का कोई हाथ नहीं मिला क्योंकि वह उस समय असम में काम कर रहा था. शव बरामद कर लिया गया है लेकिन वह पूरी तरह से सड़ चुका है. ऐसे में सबूत पुख्ता करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. एसआईटी में एसडीपीओ विजय कुमार महतो, शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित कुमार महतो, काठीकुंड थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार व अनुसंधानकर्ता मानकी हाईबुरू आदि शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH KUMAR

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RAKESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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