संस्कृत हमारी सभ्यता व जीवनशैली की आत्मा : सचिव

Updated:
विज्ञापन
संस्कृत हमारी सभ्यता व जीवनशैली की आत्मा : सचिव

सिदो कान्हू उच्च विद्यालय, दुमका में संस्कृत दिवस के उपलक्ष में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ. मुख्य अतिथि के रूप में सिविल कोर्ट गोड्डा के सहायक पूर्व लोक अभियोजक विक्रम पांडेय उपस्थित थे.

विज्ञापन

दुमका. सिदो कान्हू उच्च विद्यालय, दुमका में संस्कृत दिवस के उपलक्ष में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ. मुख्य अतिथि के रूप में सिविल कोर्ट गोड्डा के सहायक पूर्व लोक अभियोजक विक्रम पांडेय उपस्थित थे. सचिव प्रदीप्त मुखर्जी ने शॉल भेंट कर उनका स्वागत किया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, नृत्य, संस्कृत वार्तालाप, श्लोक, लघु नाटक और संस्कृत के महत्व पर भाषण प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. सचिव प्रदीप्त मुखर्जी ने संस्कृत को “मातृभाषाओं की जननी” बताते हुए विद्यार्थियों को इसके अध्ययन के लिए प्रेरित किया. उन्होंने भाषा की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा में इसके योगदान पर भी प्रकाश डाला. प्राचार्य इंद्रजीत प्रसाद भगत ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और जीवन शैली की आत्मा है. वेद, उपनिषद, महाकाव्य, पुराण और शास्त्र इसी भाषा में रचे गये हैं, जिन्होंने मानवता को धर्म, नीति, शिक्षा, विज्ञान और दर्शन का मार्ग दिखाया. उन्होंने इस अमूल्य धरोहर को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया. संचालन लिटरेचर क्लब के छात्रों ने मेंटर रंजीत साह के मार्गदर्शन में किया. इस अवसर पर प्राचार्य देवप्रिय मुखर्जी, उप-प्राचार्य राजेश झा, मेंटर अमित झा, शिक्षिका श्रावणी चटर्जी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Rakesh Kumar

लेखक के बारे में

By Rakesh Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola