प्रमुख : छात्रों ने किया चक्का जाम, दस घंटे तक आवागमन ठप

Updated at : 03 Oct 2024 7:45 PM (IST)
विज्ञापन
प्रमुख : छात्रों ने किया चक्का जाम, दस घंटे तक आवागमन ठप

सिदो कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के छात्रों के संगठन छात्र समन्वय समिति और आदिवासी क्रांति सेना ने बंद का समर्थन करते हुए 10 घंटे का चक्का जाम आंदोलन किया. आंदोलन प्रभावकारी रहा. सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक फूलो झानो चौक पर छात्र व युवा डटे रहे तथा हेमंत सरकार की नीतियों के खिलाफ अपने आक्रोश का इजहार करते रहे.

विज्ञापन

रोष. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर दुमका में किया प्रदर्शन

संवाददाता,दुमका

झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 21-22 सितंबर को आहूत संयुक्त स्नातकस्तरीय परीक्षा में कथित धांधली व प्रश्न पत्र के लीक से संबंधित मामले को लेकर झारखंड बंद का दुमका में असर देखा गया. इस दौरान यहां सिदो कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के छात्रों के संगठन छात्र समन्वय समिति और आदिवासी क्रांति सेना ने बंद का समर्थन करते हुए 10 घंटे का चक्का जाम आंदोलन किया. आंदोलन प्रभावकारी रहा. सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक फूलो झानो चौक पर छात्र व युवा डटे रहे तथा हेमंत सरकार की नीतियों के खिलाफ अपने आक्रोश का इजहार करते रहे. छात्र नेता श्याम देव हेंब्रम ने कहा कि पूरे राज्य में जेएसएससी-सीजीएल 2023 परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक का आरोप परीक्षार्थी लगा रहें हैं. राज्य भर से कई छात्रों द्वारा प्रमाणों को इक्कट्ठा कर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय को सुपुर्द कर दिया गया है, फिर भी सरकार व आयोग समझने को तैयार नहीं है. छात्रों का आरोप है कि जेएसएससी कार्यालय तमाम सबूतों को लेकर टालमटोल रवैया कर नाकार रहा है. श्री हेंब्रम ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि परीक्षा की संपूर्ण व सघन जांच करायी जाये और परीक्षा को रद्द की जाये. छात्र नेता राजीव बास्की ने कहा कि सरकार हम लोगों से ही साक्ष्य मांग रही है कि कहां-कैसे गड़बड़ी हुई बतायें. यह तो हुई बात हुई कि चोरी हमारे घर में हुई तो हम चोरी की सूचना के साथ पुलिस को चोर भी पकड़ कर दें. घटना का साक्ष्य भी संकलित करके दें.

अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने का दिया अल्टीमेटम

सरकार की नीति राज्य की नौकरी को बाहरी लोगों को बेचने की है. इसलिए वह सही जांच कराने से पीछे हट रही है. कहा कि सांकेतिक आंदोलन से बात नहीं बनी, तो हम अनिश्चितकालीन चक्का जाम का भी आंदोलन करने को विवश होंगे. सुबह से चक्का जाम रहने से फूलो झानो चौक के चारों ओर वाहनों की कतारें लग गयी थी. पूरा रिंग रोड वाहनों की कतार से भरा रहा. काठीकुंड रोड में तो वाहनों की कतार मझियारा तक दिखी, जबकि एनएच 114 ए व गोबिंदपुर-साहिबगंज रोड में भी तीन-चार किमी तक वाहनों की कतार लगी रही. चक्का जाम की वजह से वाहनों के चालक परेशान रहे. हालांकि व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार व इमरजेंसी सेवाओं को बंद नहीं कराया गया. आंदोलन में ठाकुर हांसदा, विमल टुडू, सनीलाल हांसदा, राजेंद्र मुर्मू, रितेश मुर्मू, मंगल मुर्मू, आदिवासी क्रांति सेना के प्रेम हांसदा, निखिल सोरेन एवं सिमोन मुर्मू आदि मौजूद थे.रानीश्वर में झारखंड बंद का आंशिक असर

रानीश्वर. झारखंड बंद का रानीश्वर क्षेत्र में आंशिक असर देखा गया. प्रतिदिन की तरह बाजार, दुकानें खुली रहीं. हालांकि सड़कों पर अन्य दिनों की तुलना कम वाहन चलते हुए देखा गया. सुबह दुमका-सिउड़ी दोनों ओर से यात्री बसों का यातायात सामान्य रही, पर दिन बढ़ने के साथ-साथ यात्री बसें कम चलीं. वहीं सड़कों पर अन्य दिनों की तुलना में ट्रकों का परिचालन भी कम रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola