कभी ठहरे थे डॉ राजेंद्र प्रसाद, अब ऐतिहासिक डाकबंगला बदहाली का शिकार

कभी ठहरे थे डॉ राजेंद्र प्रसाद, अब ऐतिहासिक डाकबंगला बदहाली का शिकार
दुखद. रानीश्वर डाकबंगले की जमीन पर नया भवन बने, स्थानीय जनता ने तेज की मांग प्रतिनिधि, रानीश्वर रानीश्वर हटिया के पास स्थित ऐतिहासिक डाकबंगला भवन की जमीन पर नया भवन बनाने की मांग स्थानीय लोग लगातार कर रहे हैं. वर्तमान में यह डाकबंगला पूरी तरह से धराशायी हो चुका है. अंग्रेजों के शासनकाल में जिला परिषद की जमीन पर मिट्टी की दीवार और एस्बेस्टस की छत से इस डाकबंगले का निर्माण कराया गया था. आजादी की लड़ाई के दौरान देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी इस डाकबंगले में शरण ली थी. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, जब वे राष्ट्रपति बने, तब कनाडा सरकार के सहयोग से मयूराक्षी नदी पर बने मसानजोर डैम की आधारशिला रखने के लिए यहां आए थे. उस समय वे कोलकाता से रानीश्वर होते हुए मसानजोर पहुंचे और इस ऐतिहासिक डाकबंगले में कुछ समय के लिए रुके थे. आजादी के बाद भी यह डाकबंगला अपनी रौनक बनाए हुए था, लेकिन रखरखाव के अभाव में धीरे-धीरे यह जर्जर होकर धराशायी हो गया. यदि जिला परिषद द्वारा इसके संरक्षण की पहल की जाती, तो आज भी यह भवन अपनी भव्यता बनाए रख सकता था. झारखंड राज्य बनने के बाद अब तक तीन बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो चुके हैं, लेकिन डाकबंगला के पुनर्निर्माण के लिए किसी भी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाया गया. हालांकि, जिला परिषद द्वारा लगभग पांच वर्ष पूर्व इस डाकबंगले की जमीन का सीमांकन कराकर चारदीवारी का निर्माण कराया गया था. इसके साथ ही, चारदीवारी के भीतर शौचालय और बोरिंग की भी व्यवस्था की गई थी, लेकिन गेट में ताला लगे रहने के कारण शौचालय उपयोग में नहीं आ पा रहा है. गेट बंद रहने के कारण भीतर झाड़ियां और जंगल उग आए हैं. स्थानीय लोग अब इस ऐतिहासिक स्थल पर नए सिरे से भवन निर्माण की लगातार मांग कर रहे हैं, ताकि यह स्थान फिर से अपनी गरिमा प्राप्त कर सके और सार्वजनिक उपयोग में आ सके. ———————————————————————————— रानीश्वर का ऐतिहासिक डाक-बंगला भवन धराशायी हो गया है. यहां नए सिरे से भवन निर्माण कराए जाने से सरकार को भी राजस्व की आमदनी होगी तथा स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा. इसके लिए जिला परिषद तथा सरकार को पहल करनी चाहिए. गौरीशंकर चटर्जी, रानीश्वर रानीश्वर के डाक-बंगला परिसर में नया भवन निर्माण होने से स्थानीय लोगों को शादी-विवाह में भाड़े पर भवन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों को सुविधा होगी तथा सरकार को भी राजस्व की आमदनी होगी. स्थानीय युवकों को भी रोजगार उपलब्ध हो सकेगा. शिवशंकर गोराई, कुमिरदहा रानीश्वर बाजार के समीप जिला परिषद की जमीन पर चाहरदीवारी व शौचालय आदि का निर्माण कराया गया है. अब उसके अंदर सामुदायिक भवन या विवाह भवन निर्माण होने तथा उसकी रखरखाव की व्यवस्था होने से सभी को सुविधा होगी. सामुदायिक भवन के साथ-साथ कटरे का निर्माण कराए जाने से बेरोजगारों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा. सुरेश प्रसाद साह, आसनबनी डाक-बंगला परिसर के नजदीक रानीश्वर हटिया, रानीश्वरनाथ शिव मंदिर तथा बाजार भी हैं. यहां भवन बनाना अति आवश्यक है. जब तक नया भवन निर्माण नहीं होता है, तब तक परिसर में बनाए गए शौचालय की उपयोगिता आमजन की सुविधा के लिए सुनिश्चित करानी चाहिए. शिबुपद राय, बड़घाटा ———————————————-
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