नावाडीह में 266 वर्षों से हो रही है विराट काली की पूजा

Updated:
विज्ञापन
नावाडीह में 266 वर्षों से हो रही है विराट काली की पूजा

पुजारी रूपलाल पत्रलेख और उनके वंशज विधि-विधानपूर्वक पूजा कराते हैं. मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं द्वारा बलि और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है.

विज्ञापन

हंडवा इस्टेट के समय से स्थापित हो रही प्रतिमा, बन गया है भव्य मंदिर प्रतिनिधि, बासुकिनाथ जरमुंडी प्रखंड के नंदी चौक के पास स्थित नावाडीह में कार्तिक अमावस्या पर विराट काली की पूजा धूमधाम से संपन्न हुई. यह प्राचीन मंदिर लगभग 266 वर्षों से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है. हंडवा इस्टेट के समय से प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती रही है. पुजारी रूपलाल पत्रलेख और उनके वंशज विधि-विधानपूर्वक पूजा कराते हैं. मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं द्वारा बलि और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है. इस वर्ष कार्तिक कृष्णपक्ष की अमावस्या की मध्यरात्रि में मां काली को प्रसन्न करने के लिए तांत्रिक पूजा का आयोजन किया गया. पुजारी और विक्की बाबा के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त रात 10.13 बजे से 2.27 बजे तक था, जबकि मध्यरात्रि 12.58 से 3.19 बजे तक तांत्रिक अनुष्ठान विशेष महत्व का माना गया. पंडितों ने बताया कि इस समय जागृति बनाये रखना आवश्यक है, क्योंकि झपकी आने पर पूजा खंडित हो जाती है. तांत्रिक पूजन से मां काली अपने भक्तों की रक्षा करती हैं. शत्रुओं का नाश करने में मदद करती हैं. पूजा के दो दिन बाद मंदिर प्रांगण में मेले का आयोजन किया गया, जिसमें भंगाबांध, नावाडीह, अम्बा, कल्हाकुड़ समेत आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए. मेले में सैकड़ों दुकानें लगीं और प्रतिमा का विसर्जन गाजे-बाजे के साथ संपन्न हुआ. पूजा और मेले की व्यवस्था में देवेंद्र नारायण सिन्हा, सुबोध कुमार सिन्हा, हरेंद्र कुमार प्रसाद, राजू सिन्हा, रीतेश सिन्हा, राजीव सिन्हा और रोहित रंजन सहित कई भक्त लगे हुए थे. नावाडीह का विराट काली मंदिर आज भी अपनी भव्यता और धार्मिक परंपरा के कारण स्थानीय और बाहरी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Anand Jaswal

लेखक के बारे में

By Anand Jaswal

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola