ePaper

Hijla Mela 2023: जनजातीय हिजला मेला में दिखा पारंपरिक परिधानों का जलवा, देखें तस्वीरें

Updated at : 02 Mar 2023 8:28 AM (IST)
विज्ञापन
Hijla Mela 2023: जनजातीय हिजला मेला में दिखा पारंपरिक परिधानों का जलवा, देखें तस्वीरें

उपराजधानी दुमका में मयुराक्षी नदी के तट पर तथा हिजला पहाड़ी के समीप राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव चल रहा है. शुक्रवार तक चलनेवाले इस जनजातीय हिजला मेला में बुधवार की रात ट्राइबल फैशन शो का आयोजन किया गया. समारोह में पारंपरिक परिधानों में अलग-अलग आयुवर्ग के प्रतिभागियों ने भाग लिया.

विज्ञापन
undefined

दुमका, आनंद जायसवाल : राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव चल रहा है. शुक्रवार तक चलनेवाले इस जनजातीय हिजला मेला में बुधवार की रात ट्राइबल फैशन शो का आयोजन किया गया. देर रात तक चले इस कार्यक्रम में जूनियर गर्ल्स में रूथरोज बास्की विनर व आशा मैरी मरांडी रनर रहीं. जबकि नौ साल तक के गर्ल्स कैटेगरी में सोनिम इपील सोरेन विनर व अमायरा किस्कू रनर रहीं.

undefined

इसी आयुवर्ग में ब्वॉयज कैटेगरी में अप्पू हेंब्रम विनर व दीपांशु पावरिया रनर रहे. इस दौरान अतिथि के रूप में एसडीओ कौशल कुमार, डीएसपी विजय कुमार, एसडीपीओ नूर मुस्तफा अंसारी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अमिताभ बच्चन सोरेन, डीपीआरओ अंजना भारती आदि मौजूद रहे.

undefined

बता दें कि 1890 में ब्रिटिश डिप्टी कमिश्नर आर कास्टेयर्स ने हिजला मेला की शुरुआत की थी. तब संताल परगना एक जिला हुआ करता था और दुमका उसका मुख्यालय था. दरअसल 1855 में हुए संताल हूल के बाद कास्टेयर्स ने संतालों से अपनी दूरी मिटाने तथा उनका विश्वास हासिल करने के मकसद से इस जनजातीय मेले की शुरुआत की थी.

undefined

दुमका में शहर से चार किमी की दूरी पर मयुराक्षी नदी के तट व हिजला पहाड़ी के पास 133 साल पहले से सप्ताहव्यापी मेला लगता आया है. क्षेत्र का यह सबसे बड़ा मेला है. इस वर्ष 24 फरवरी से मेले की शुरूआत हुई है. मेला अब महोत्सव का रूप भी ले चुका है.

undefined

दरअसल यह मेला जनजातीय समाज के सांस्कृतिक संकुल की तरह है. जिसमें सिंगा-सकवा, मांदर व मदानभेरी जैसे परंपरागत वाद्ययंत्र की गूंज तो सुनने को मिलती ही है, झारखंडी लोक संस्कृति के अलावा अन्य प्रांतों के कलाकार भी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करने पहुंचते हैं. बदलते समय के साथ इस मेले को भव्यता प्रदान करने की कोशिशें लगातार होती रही हैं.

undefined

कोरोना की वजह से दो साल यह मेला आयोजित न हो सका था. पर इस बार मेला क्षेत्र में कई आधारभूत संरचनायें विकसित हो गयी हैं, जो मेले के उत्साह को दाेगुणा करने में सहायक साबित होगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola