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वनों की कटाई से जलवायु परिवर्तन का बढ़ रहा खतरा : जैकब

Updated at : 11 Aug 2025 7:17 PM (IST)
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वनों की कटाई से जलवायु परिवर्तन का बढ़ रहा खतरा : जैकब

जोहार मानव संसाधन विकास केंद्र और अरूपे आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र, भोगनाडीह के संयुक्त तत्वावधान में रानीश्वर प्रखंड के बांसकुली स्थित संत जेवियर मिडिल स्कूल, मुरगुनी मानिकडीह में “जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण” विषय पर इकोसिस्टम कार्यशाला आयोजित

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प्रतिनिधि, दुमका जोहार मानव संसाधन विकास केंद्र और अरूपे आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र, भोगनाडीह के संयुक्त तत्वावधान में रानीश्वर प्रखंड के बांसकुली स्थित संत जेवियर मिडिल स्कूल, मुरगुनी मानिकडीह में “जलवायु परिवर्तन व प्रदूषण” विषय पर इकोसिस्टम कार्यशाला आयोजित हुई. मुख्य वक्ता जैकब हेंब्रम ने कहा कि पर्यावरण के जीवित व निर्जीव घटक—हवा, पानी, जमीन, पेड़-पौधे, जानवर आदि जीवन के लिए आवश्यक हैं. आदिवासी समुदाय प्राचीन काल से जल, जंगल और जमीन के संरक्षक रहे हैं, लेकिन संताल परगना में खनन के कारण वनों की कटाई से जलवायु परिवर्तन व आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने जल, वायु, ध्वनि, मिट्टी और प्रकाश प्रदूषण को इसके प्रमुख कारण बताया. डायरेक्टर जॉन फेलिक्स ने कहा कि मानव को प्रकृति की आवश्यकता है, न कि प्रकृति को मानव की. छात्रों ने स्थानीय प्रदूषण के कारणों पर चर्चा कर हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण घटाने और पृथ्वी की रक्षा का संकल्प लिया. कार्यक्रम में 52 छात्र-छात्राएं शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL

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