एक मुलाकात से उपजा विवाद, बयानबाजी से गरमायी राजनीति
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 May 2024 11:50 PM
बसंत सोरेन ने कहा : सीता भाभी का झामुमो में वापस आने का मनसीता का पलटवार : बसंत ने कहा मेरे लिए भी भाजपा में बनायें जगह
दुमका. सोरेन परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. अब ताजा मामला देवर बसंत सोरेन और भाभी सीता सोरेन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का है. एक तरफ मंत्री बने बसंत सोरेन का कहना है कि भाभी का मन झामुमो में लौटने का है, तो सीता सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देवर बसंत सोरेन को भी झामुमो रास नहीं आ रहा. वे भी चाह रहे हैं कि भाजपा में वे उनके लिए जगह बनायें. दरअसल, गुरुवार को नोमिनेशन के ठीक एक दिन पूर्व सीता सोरेन दुमका के सदर प्रखंड स्थित खिजुरिया स्थित शिबू सोरेन आवास पर पहुंची थी, जहां उसकी मुलाकात बसंत सोरेन से हुई. बाहर जब वह निकली तो मीडिया से बातचीत में उन्होंने जानकारी दी कि बसंत सोरेन घर पर ही थे और उससे मुलाकात हुई. हालांकि तब उन्होंने यह नहीं बताया कि बसंत सोरेन से उनकी क्या बातें हुई. केवल यही कहा कि उनका राजनीतिक समीकरण अलग है और हमारा अलग. इधर, शुक्रवार को झामुमो प्रत्याशी नलिन सोरेन के नोमिनिशन में पहुंचे बसंत सोरेन से जब मीडियाकर्मियों ने उनसे पूछा कि कल भाभी सीता सोरेन से क्या बातें हुई तो उन्होंने कहा कि भाभी का मोदी परिवार से भ्रम टूट गया है. वह शायद वापस अपने घर आना चाहती है. इधर, चुनावी सभा खत्म हुई तो शाम ढलने से पहले सीता सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया और कहा कि बसंत सोरेन ने मेरे बारे में जो बयान दिया है. वह सब बिल्कुल बेबुनियाद है. भ्रम फैलाने की कोशिश है. सच्चाई तो यह है कि जब वे कल अपने खिजुरिया आवास पर गयह थी तो वहां देवर बसंत सोरेन ने मुझे भाजपा में शामिल होने और यहां मुझे मिल रहे सम्मान को लेकर बधाई दी. उन्होंने कहा कि मेरे लिए भी आप भारतीय जनता पार्टी में कोई बेहतर स्थान देखें. सीता सोरेन ने कहा कि बसंत सोरेन इन दिनों झामुमो में जो चल रहा है, उससे परेशान हैं. कल्पना ने पूरी पार्टी को हाइजैक कर लिया है. जबकि कल्पना किसी पद पर नहीं है, उसे सीएम से बढ़कर प्रोजेक्ट किया जा रहा है. सीएम चंपाई सोरेन नाम के सीएम रह गये हैं. राहुल गांधी द्वारा मंच पर किया गया सलूक दिख रहा है, उन्हें तो प्रोटोकोल के नाते भी सम्मान नहीं मिल रहा है. जब से कल्पना सोरेन पार्टी में सक्रिय हुई है, वह अपने आप को दरकिनार महसूस कर रहे हैं. हाल ही में रांची में जो उलगुलान रैली हुई थी, उसमें भी उन्होंने कल्पना सोरेन के साथ मंच साझा नहीं किया था. कल्पना सोरेन आते ही झामुमो पर कब्जा जमा लिया है, जिससे बसंत सोरेन उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. यही वजह है कि वह भाजपा में आना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने मुझसे बात की है. झामुमो में महाभारत होनेवाला है, हम तो शांतिवाली जगह में आ गये हैं सीता सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा में महाभारत का युद्ध होनेवाला है. हम तो भारतीय जनता पार्टी जैसी शांतिपूर्ण जगह आ गये हैं. हमें विकास की राजनीति करनी है. इसलिए हम जगह पर आ गये हैं. सीता सोरेन ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस के राज में कोई काम पूरा नहीं हुआ. सब आधा-अधूरा है. लोकसभा चुनाव में सभी 14 सीटें एनडीए जीतेगी. आनेवाले विधानसभा चुनाव में भी जागरूक जनता इन्हें सुधारने और सबक सीखाने का काम करेगी.
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