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उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न

Updated at : 28 Oct 2025 11:05 PM (IST)
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उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न

जिले के विभिन्न घाटों पर दिखा आस्था व उल्लास का संगम, गीतों से माहौल दिखा भक्तिमय

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दुमका. लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ संपन्न हो गया. व्रतियों ने सूर्य देव से परिवार की सुख-शांति, आरोग्यता और समृद्धि की कामना की. मंगलवार की सुबह दुमका शहर के प्रमुख छठ घाट समेत ग्रामीण इलाकों के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह होते ही घाटों पर “उग हे सूरज देव ” के गीतों की गूंज के साथ पूरा माहौल आस्था और भक्ति में डूब गया. महिलाएं व्रत के चौथे दिन यानी उषा अर्घ्य के दौरान जल में खड़ी होकर सूर्य देव की आराधना करती नजर आयीं. इससे पहले सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भी श्रद्धालुओं का सैलाब घाटों पर उमड़ पड़ा था. नगर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था की गयी थी. जगह-जगह प्रशासनिक अधिकारी, एनडीआरएफ की टीम मुस्तैद रहे. घाटों पर रोशनी, बैरिकेडिंग और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गयी थी. ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो. चार दिनों तक चले इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की परंपराओं को व्रतियों ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ निभाया. छठी मइया और सूर्य देवता की आराधना के साथ यह पर्व संपन्न हुआ. शहर के बड़ाबांध, खुटाबांध, दुधानी, पुसारो, रसिकपुर बड़ाबांध तथा लखीकुंडी तालाब के अलावा पुसारो नदी के घाट पर छठ व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्द्ध दे कर 36 घंटे के व्रत का समापन किया. घाटों पर सूर्य के उगने का इंतजार व्रती महिलाएं कर रही थीं. जैसे ही सूर्यदेव के दर्शन हुए व्रतियों ने तालाबों व पोखरों के जल में खड़े होकर उन्हें अर्घ्य दिया. पूजन-अर्चन की. घाटों पर छठ मइया, गंगा मइया और सूर्य देव की जयकार होने लगी. सभी में उत्साह का आलम था. घर-घर से निकले छठ मैया के आराधना गीत भगवान सूर्य व लोक आस्था के बीच धुन की सेतु बन गये. श्रद्धालु छठ मैया का डाला लेकर मधुर भक्ति गीतों के बीच गाजे-बाजे के साथ छठ घाट तक पहुंचे. दुमका के खुटाबांध समेत अन्य घाटों की भव्य सजावट की गयी थी. इधर, बासुकिनाथ शिवगंगा, जरमुंडी के गरडी बांध व नीचे बाजार स्थित रावत बांध में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मंगलवार की सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की. भगवान के उदय होने पर दूध, नारियल, केला, फूल, चंदन आदि से सूर्य के द्वादश नामों का उच्चारण करते हुए अर्घ्य दिया. श्रद्धालु दंडवत प्रणाम करते हुए छठ घाट तक पहुंचे. सुहागिन महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर पहनाकर सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद प्राप्त किया. भगवान सूर्य को धूप अगरबत्ती व दीप दिखाकर दीप को जल में छोड़ा गया. छठ घाटों पर नि:शुल्क दूध एवं अगरबत्ती का वितरण भक्तों के बीच किया गया. पूजन-अर्चन के बाद व्रती महिलाओं के व्रत का समापन हुआ. इसके बाद घर पहुंचकर उन्होंने व्रत का पारन किया. ग्रामीण क्षेत्रों में भी धूमधाम से मना छठ पर्व जामा के सेजाकोड़ा, सरसाबाद, लकड़ापहाड़ी, बारापलासी, लष्मीपुर, चिकनियां, बिचकोड़ा,चुटोनाथ, सिरसानाथ, भिखमपुर, अगोयाबांध, सुखबारी, तपसी आदि गांवों में, मसलिया क्षेत्र के दलाही, मसलिया, तिलाबाद, नागरापाथर, गोलबंधा, अस्ताजोरा, बाराटांड़ समेत अन्य गांवों में, रामगढ़ के धोबा, जोगिया,छोटी रण बहियार, गम्हरिया हाट,मोची खमार, लखनपुर, महुबना,ठाडीहाट, कडबिंधा, भातुड़िया बी, कांजो, सिमरा, भदवारी, सिंदुरिया, धरमपुर, केंदुआ, डांडो, कारूडीह, कन्हारा, सरैयाहाट के बड़का बांध, दिग्घी, बरकुंडी, सपहा, ककनी नवाडीह, माथाकेसो, हंसडीहा के खिजरा, पगवारा स्थित बुढ्यारी बांध, हथगड़, भाटिन और बेलटीकरी, शिकारीपाड़ा प्रखंड में शिकारीपाड़ा के अलावा कजलादहा, सरसडंगाल, बेनागड़िया, मोहुलपाहाड़ी, बरमसिया , राजबांध, पर्वतपुर में भी शांतिपूर्ण तरीके से आस्था के साथ छठ महापर्व मनाया गया. वहीं काठीकुंड में सैकड़ों व्रती महिलाएं छठ गीत गाती हुई बाजार स्थित महावीर मंदिर के निकट बने छठ घाट, धावाटाड़ छठ घाट पहुंची, जहां उन्होंने भगवान भास्कर का विधिवत पूजन-अर्चन किया. महावीर छठ घाट पर चारों ओर की गयी सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र रही. घाट परिसर में काठीकुंड थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया. इस दौरान एसआइ केदारनाथ पूर्ति ने किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेतु 1930 नंबर डायल करने की अपील की. भगवान भास्कर की आरती में शिकारीपाड़ा विधायक का परिवार, पंचायत की मुखिया तथा सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए. श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ छठ घाटों पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा. आस्था का महापर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. छठ घाट पर श्रद्धालुओं ने कराया मुंडन संस्कार बासुकिनाथ. बड़ी संख्या में भक्तों ने छठ घाट पर अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया. छठ मैया के समक्ष वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच पंडितों ने विधि-विधान पूर्वक बच्चों के मुंडन संस्कार कराये. मान्यता रही है कि सच्चे मन से की गयी पूजा से लोगों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती है. परिवार में सुख-समृद्धि आती है. छठ मैया भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करती है. छठ घाट पर भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. इस अवसर पर छठ घाटों पर भव्य आतिशबाजी की गयी. छठ गीतों के मधुर स्वर से वातावरण भक्तिमय बना रहा. वहीं जरमुंडी व बासुकिनाथ स्थित सभी छठ घाटों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा. पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल ने बताया कि छठ घाटों पर मनचले युवकों व असामाजिक तत्वों से निबटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा लगाया गया था. अधिकारी पुलिस बल के साथ शिवगंगा में छठ घाट पर विधि व्यवस्था को लेकर मौजूद थे.

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