सत्यम योग में मना भगवान धन्वंतरि का प्रकाट्य दिवस

Edited by ANAND JASWAL
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मान्यता का सत्यम योग में पिछले आठ वर्षों से पालन किया जा रहा है. धनतेरस को सूर्योदय के समय ही महिलाएं योग आसन के साथ साधना का अभ्यास करती है.

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संवाददाता, दुमका धनतेरस का त्योहार केवल धन लक्ष्मी ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य रूपी धन को भी अर्जित करने का संदेश देता है. स्वास्थ्य पहला धन है. इसी को साकार करने दिवाली से दो दिन पहले भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे. उस अमृत से देवताओं को आरोग्य की प्राप्ति हुई थी. इस मान्यता का सत्यम योग में पिछले आठ वर्षों से पालन किया जा रहा है. धनतेरस को सूर्योदय के समय ही महिलाएं योग आसन के साथ साधना का अभ्यास करती है. साधना के बाद दिवाली पर लकी ड्राॅ का आयोजन होता है. इसमें सदस्य चांदी के सिक्के जीतते हैं. इस परंपरा के द्वारा ये ज्ञान बढ़ाया जाता है कि पहले स्वास्थ्य रूपी धन को अर्जित करें, फिर लक्ष्मी रूपी धन को, जिनका तन-मन स्वस्थ होता है वो धन तो अर्जित कर ही लेते हैं. सत्यम योग की योगाचार्य सोना शर्मा ने बताया कि दिवाली पर इतना काम करने के बाद भी महिलाएं पूरे उत्साह से प्रतिदिन योग करने आती है. सुबह-शाम दोनों समय योग का अभ्यास है. शहर के प्रमुख योग संस्थान ने महिलाओं में योग साधना के प्रति एक अलग ही लगाव और जुड़ाव को बनाया है.

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