ePaper

सत्यम योग में मना भगवान धन्वंतरि का प्रकाट्य दिवस

Updated at : 17 Oct 2025 7:44 PM (IST)
विज्ञापन
सत्यम योग में मना भगवान धन्वंतरि का प्रकाट्य दिवस

मान्यता का सत्यम योग में पिछले आठ वर्षों से पालन किया जा रहा है. धनतेरस को सूर्योदय के समय ही महिलाएं योग आसन के साथ साधना का अभ्यास करती है.

विज्ञापन

संवाददाता, दुमका धनतेरस का त्योहार केवल धन लक्ष्मी ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य रूपी धन को भी अर्जित करने का संदेश देता है. स्वास्थ्य पहला धन है. इसी को साकार करने दिवाली से दो दिन पहले भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे. उस अमृत से देवताओं को आरोग्य की प्राप्ति हुई थी. इस मान्यता का सत्यम योग में पिछले आठ वर्षों से पालन किया जा रहा है. धनतेरस को सूर्योदय के समय ही महिलाएं योग आसन के साथ साधना का अभ्यास करती है. साधना के बाद दिवाली पर लकी ड्राॅ का आयोजन होता है. इसमें सदस्य चांदी के सिक्के जीतते हैं. इस परंपरा के द्वारा ये ज्ञान बढ़ाया जाता है कि पहले स्वास्थ्य रूपी धन को अर्जित करें, फिर लक्ष्मी रूपी धन को, जिनका तन-मन स्वस्थ होता है वो धन तो अर्जित कर ही लेते हैं. सत्यम योग की योगाचार्य सोना शर्मा ने बताया कि दिवाली पर इतना काम करने के बाद भी महिलाएं पूरे उत्साह से प्रतिदिन योग करने आती है. सुबह-शाम दोनों समय योग का अभ्यास है. शहर के प्रमुख योग संस्थान ने महिलाओं में योग साधना के प्रति एक अलग ही लगाव और जुड़ाव को बनाया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANAND JASWAL

लेखक के बारे में

By ANAND JASWAL

ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola