रानीश्वर. दिगलपहाड़ी नहर पर ग्रामीणों ने इस कदर कूड़ा-कचरा फेंक दिया है, जिससे यह अब नहर न लगकर कूड़ादान प्रतीत हो रहा है. वहीं कुछ लोगों द्वारा नहर की जमीन पर जगह-जगह अतिक्रमण कर लिए जाने से नहर भी संकीर्ण हो गया है. सिंचाई विभाग की ओर से दिगलपहाड़ी डैम से चापुड़िया प्राथमिक विद्यालय तक तथा आसनबनी कृषि फार्म से तिलाबनी तक सिंचाई विभाग की ओर से नहर की चौड़ाई 21 फीट थी, जबकि आज चापुड़िया स्कूल से आसनबनी बाजार तक नहर की जमीन अतिक्रमित कर लिए जाने से नहर की चौड़ाई 21 फीट से घटकर 4 फीट ही रह गयी है. चापुड़िया से आसनबनी बाजार तक जगह-जगह नहर में कूड़ा-कचरा फेंके जाने से नहर का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा है. नहर पक्कीकरण के बाद दिगलपहाड़ी डैम से अंतिम छोर तक तिलाबनी तक नहर का पानी पहुंचाया गया था. अब फिर वही स्थिति पैदा हो गयी है और अंतिम छोर तक पानी पहुंचना बंद हो गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नहर के गर्भ में कूड़ा-कचरा फेंके जाने पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जा सके.
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