बृंदावनी हाइस्कूल: छात्रों का बढ़ता बोझ, कम होती सुविधाएं

Updated at : 26 Feb 2025 6:01 PM (IST)
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बृंदावनी हाइस्कूल: छात्रों का बढ़ता बोझ, कम होती सुविधाएं

बृंदावनी हाइस्कूल: छात्रों का बढ़ता बोझ, कम होती सुविधाएं

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प्रतिनिधि, रानीश्वर अपग्रेड प्लस टू हाइस्कूल बृंदावनी की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है. शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से इस विद्यालय को वर्ष 2011 में हाइस्कूल और फिर 2024 में प्लस टू हाइस्कूल में अपग्रेड किया गया. हालांकि, सुविधाओं और संसाधनों की भारी कमी के कारण यह स्कूल अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है. हाइस्कूल के रूप में अपग्रेड होने के बावजूद यहां न तो अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की गयी और न ही बच्चों के लिए अलग कक्षाएं, बेंच या अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए. एक ही भवन में पहली कक्षा से लेकर ग्यारहवीं तक के बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है. हालांकि, मिडिल स्कूल (कक्षा पहली से आठवीं तक) के लिए अलग भवन है, लेकिन हाइस्कूल के लिए जो दूसरा भवन दिया गया था, वहां व्यवस्था नहीं सुधारी गयी. स्थिति और भी गंभीर तब हो गयी जब कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले एकमात्र शिक्षक का एक वर्ष पूर्व पदोन्नति हो गया, जिसके कारण उन्हें दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया. परिणामस्वरूप, मिडिल स्कूल के बच्चों को भी हाइस्कूल भवन में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गयी. वर्तमान स्थिति वर्तमान में पहली से ग्यारहवीं कक्षा तक कुल 553 छात्र नामांकित हैं. ग्यारहवीं कक्षा में नए नामांकन और बारहवीं में जाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा, जिससे परेशानियां और भी गंभीर हो जाएंगी. फिलहाल, पहली से पांचवीं तक 97, कक्षा छठी से आठवीं तक 162, नवम व दशम में 235 तथा ग्यारहवीं में 59 छात्र पढ़ रहे हैं. नौवीं व दसवीं में विज्ञान के शिक्षक नहीं सबसे बड़ी समस्या यह है कि नवम और दशम कक्षा के लिए कुल आठ शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, लेकिन उनमें विज्ञान विषय का कोई भी शिक्षक नहीं है. ग्रामीण क्षेत्र में प्लस टू हाइस्कूल बनने से बच्चों और अभिभावकों में उत्साह था, लेकिन स्कूल की लचर व्यवस्था ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया है. शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और बच्चों को उचित सुविधा देने के लिए सरकार को इस ओर जल्द ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों का भविष्य अंधकारमय न हो. ——————————————————– अभिभावकों व छात्रों ने व्यक्त की अपनी प्रतिक्रिया बृंदावनी मिडिल स्कूल को पहले हाइस्कूल फिर प्लस टू हाइस्कूल में अपग्रेड किया जाना अच्छी बात है. पर स्कूल को अपग्रेड करने के साथ साथ विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना तथा बच्चों को बैठने के लिए कमरे,बेंच आदि की व्यवस्था होनी चाहिए. इसके लिए विभाग की ओर से पहल करने की जरूरत है. ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके. आनंद दत्त, ग्रामीण सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में प्लस टू हाइस्कूल खुलने से खास कर बच्चियों को सबसे ज्यादा सुविधा हुई है. मैट्रिक पास करने के बाद अधिकांश बच्ची पढ़ाई छोड़ देती थी. अब नजदीक में प्लस टू हाइस्कूल बनने से पढ़ाई की सुविधा मिली है. पर इसके लिए पठन पाठन व अन्य सुविधाएं होना जरूरी है. काजल कुमार लाहा, अभिभावक घर के नजदीक इंटर तक पढ़ाई करने के लिए स्कूल तो खोल दिया गया है, पर पढ़ाई के लिए विषयवार शिक्षक तथा बैठने के लिए अलग से कमरा व बेंच आदि की व्यवस्था होनी आवश्यक है. इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से पहल करनी चाहिए, ताकि हम छात्रों के साथ साथ शिक्षकों की परेशानी भी दूर हो सके. सुभाष पाल, छात्र बृंदावनी में प्लस टू हाइस्कूल बनने से रानीश्वर प्रखंड क्षेत्र के अलावा मसलिया प्रखंड के नजदीकी गांवों के छात्र छात्राओं को भी सुविधा हो रही है. पर प्लस टू के लिए सबसे ज्यादा जरूरी शिक्षकों की पदस्थापना नहीं किया गया है. सिर्फ स्कूल खोलने से ही नहीं होगा समुचित व्यवस्था भी किया जाना चाहिए. सोयब अंसारी, छात्र एक साल पहले अपग्रेड हाई स्कूल बृंदावनी को प्लस टू हाइस्कूल में अपग्रेड किया गया है. पर प्लस टू हाइस्कूल के लिए शिक्षक व क़मरा उपलब्ध नहीं कराया गया है. उधर पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए भी एक भी शिक्षक नहीं है. एक ही भवन में 12 कक्षाएं संचालित करना पड़ता है. विश्वनाथ बाउरी, प्रभारी प्रधानाध्यापक —————————- अपग्रेडेशन के बाद भी बदहाल व्यवस्था, छात्रों का भविष्य संकट में 553 नामांकित बच्चों के बदले पदस्थापित है मात्र 8 शिक्षक पहली से आठवीं तक और प्लस टू के लिए नहीं हैं शिक्षक हाइस्कूल के शिक्षकों को प्राथमिक, मिडिल व प्लस टू की कक्षाएं करनी पड़ रही संचालित

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