काठीकुंड. झारखंड राज्य प्रशिक्षित सहायक अध्यापक शिक्षक संघ की दुमका जिला इकाई के बैनर तले 153 सहायक अध्यापकों की सेवा बहाली की मांग को लेकर शिकारीपाड़ा विधायक आलोक सोरेन को रविवार को ज्ञापन सौंपा गया. शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति पंचायत स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई थी और वे बीते कई वर्षों से सेवा दे रहे थे. हालांकि, हाल ही में उनके प्रमाण पत्रों को ””फर्जी”” घोषित करते हुए सेवा से वंचित कर दिया गया, जिससे इन शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है. जबकि विभागीय निर्देश के आधार पर ही सभी ने विभिन्न संस्थानों से इंटर की शिक्षा ग्रहण की थी. ज्ञापन में कहा गया है कि सभी शिक्षक मैट्रिक, इंटर और प्रशिक्षण प्राप्त हैं और सेवा के दौरान कभी कोई शिकायत नहीं रही. शिक्षकों ने बताया कि कुछ लोग रिटायरमेंट की उम्र के नज़दीक हैं, फिर भी उन्हें सेवा से बाहर कर दिया गया, जो न सिर्फ अन्याय है बल्कि उनके पूरे परिवार के जीवनयापन पर भी संकट खड़ा कर रहा है. संघ की ओर से विधायक से आग्रह किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाए और सेवा से वंचित सभी शिक्षकों की पुनः बहाली सुनिश्चित की जाए. साथ ही मांग की गयी है कि झारखंड में सहायक शिक्षकों की सेवा आयु 65 वर्ष तक सुनिश्चित की जाए. मौके पर जिला सचिव दुर्गा चरण पाल, संजय कुमार सुमन, मुकेश कुमार समेत कई अन्य शिक्षक शामिल थे.
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