रामगढ़. साइबर अपराध का गढ़ बन चुके रामगढ़ थाना क्षेत्र से साइबर अपराधियों का खात्मा करने के लिए पुलिस की सक्रियता काफी बढ़ गयी है. साइबर अपराधियों पर लगाम कसने में पुलिस को तब बड़ी सफलता हाथ लगी जब दुमका पुलिस ने पाकुड़ पुलिस के सहयोग से पाकुड़ के महेशपुर से साइबर अपराधियों के सरगना माने जा रहे रामगढ़ थाना क्षेत्र के दामोडीह निवासी घनश्याम मंडल को गिरफ्तार कर लिया. घनश्याम मंडल के साथ ही महेशपुर प्रखंड में मनरेगा में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत रामगढ़ थाना क्षेत्र के अमड़ापहाड़ी निवासी रंजीत मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया है. घनश्याम मंडल कनीय अभियंता रंजीत मंडल का रिश्तेदार है. उस पर घनश्याम मंडल को शरण देने का आरोप है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनसे हुई पूछताछ के आधार पर प्रोबेशनर आईपीएस डाक्टर सैयद मुस्तफा हासमी के नेतृत्व में शनिवार को रामगढ़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी रही. पकड़े गए दोनों व्यक्तियों की निशानदेही पर विभिन्न पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में गठित पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही है. शुक्रवार की शाम तथा शनिवार को रामगढ़ बाजार तथा रामगढ़ प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के आमपाड़ा, लावरती आदि गांवों के चार से अधिक संदिग्ध युवकों को रामगढ़ बाजार के साथ-साथ अलग-अलग गांव से से हिरासत में लिए जाने की खबर है. हिरासत में लिए गए संदिग्धों से भी पुलिस अधिकारी गहन पूछताछ कर रहे हैं. हालांकि पुलिस या प्रशासन का कोई भी अधिकारी इन मामलों की पुष्टि नहीं कर रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस द्वारा जल्द ही साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किये जाने की उम्मीद है. फिलहाल पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी तथा घनश्याम मंडल की गिरफ्तारी से साइबर अपराध से जुड़े अपराधियों में हड़कंप मच गया है.
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