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दुमका में बोले सीएम रघुवर, झारखंड को बनायें झामुमो मुक्त

Updated at : 18 Mar 2017 10:44 AM (IST)
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दुमका में बोले सीएम रघुवर, झारखंड को बनायें झामुमो मुक्त

दुमका : भाजपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के संतालपरगना प्रमंडलीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम रघुवर दास ने झामुमो मुक्त झारखंड बनाने का आह्वान किया. उन्होंने पिछले 15 वर्षों तक झारखंड की बदहाली के लिए झामुमो व अन्य झारखंड नामधारी दलों को जिम्मेवार ठहराया है. दुमका के इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित […]

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दुमका : भाजपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के संतालपरगना प्रमंडलीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम रघुवर दास ने झामुमो मुक्त झारखंड बनाने का आह्वान किया. उन्होंने पिछले 15 वर्षों तक झारखंड की बदहाली के लिए झामुमो व अन्य झारखंड नामधारी दलों को जिम्मेवार ठहराया है. दुमका के इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झामुमो आज झारखंड माल बनाओ पार्टी बन कर रह गयी है.इस दल की अब झारखंड में अब कोई जरूरत नहीं रह गयी है, क्योंकि वर्ष 2000 में झारखंड मुक्त हो गया है. अब झारखंड को झामुमो मुक्त बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश जैसे कांग्रेसमुक्त हुआ है, उसी तरह अब झारखंड को झामुमो मुक्त बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को कमर कसना होगा.

उन्होंने कहा कि झामुमो ने अब तक केवल आदिवासियों को वोट बैंक का साधन बनाया तथा आदिवासी-मूलवासी की भावना को भड़काने का काम किया. सीएम ने कहा कि झामुमो समस्याओं को सुलझाने का नहीं, उलझाने का काम करती रही है. मत पेटी भरना और गरीब आदिवासी को भगवान भरोसे रखना ही इनकी राजनीति रही है. उत्तराखंड व छत्तीसगढ़ की तरह झारखंड में भी स्थानीय नीति घोषित हो गयी होती, तो 15 सालों से बेरोजगार बैठे और उम्र पार कर चुके युवा आज रोजगार में होते.

विकास का विरोध करनेवाले नेताओं के पास है अकूत संपत्ति

सीएम ने कहा कि विकास का विरोध करनेवाले गोला-रामगढ़ के नेताओं के पास दुमका, देवघर, रांची, बोकारो में कितनी जमीन है, सब जानते हैं. पहले भी हमने चुनौती दी थी, वे अपनी संपत्ति की जांच कराये, मैं अपनी भी कराऊंगा. आज भी वे यह चुनौती देते हैं. सीएम ने कहा कि पहले अंग्रेज शोषण करते थे, आज जातिवाद के नाम पर व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए ये आदिवासी नेता शोषण कर रहे हैं. आदिवासी जब सीएम हो सकता है, राज्यपाल बन सकता है, तो अपनी जमीन पर व्यवसाय क्यों नहीं कर सकता. सीएम ने कहा कि एसपीटी-सीएनटी में संशोधन का विरोध करनेवाले चाहते हैं कि यहां के आदिवासी आजीवन मुर्गी पालते रहे, मजदूरी करते रहे. आर्थिक उन्नति न करें.

झारखंड से रुकेगा पलायन : ग्लोबल समिट सफल रहा है, जिसमें 11 हजार निवेशकों ने भाग लिया था. सरकार ने 210 एमओयू किये हैं, जिसमें 173 सिर्फ रोजगार देनेवाले हैं. मई से इन योजनाओं की शुरुआत भी होगी. सीएम ने कहा कि कौशल विकास के लिए 145 करोड़ से बढ़ा कर सरकार ने 700 करोड़ का प्रावधान इस वर्ष में किया है, ताकि हुनर सीख राज्य के लोग अपना कौशल विकास व आर्थिक स्तर को मजबूत कर सके. इस तरह के प्रयासों से झारखंड से पलायन का कलंक धोने का काम सरकार करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध करनेवालों का उस वक्त क्यों खून नहीं खौला, जब झारखंड की बेटियां दिल्ली-हरियाणा और दूसरे राज्यों में बिचौलिये के जरिये भेजी जा रही थीं. पूरे संताल परगना से जुटे हजारों कार्यकर्ताओं को सीएम के अलावा समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुरमू, अजजा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार पाहन, उपाध्यक्ष समीर उरांव, पूर्व विधायक सुनील सोरेन, कृष्णा सोरेन आदि ने संबोधित किया.

किसानों को राहत के लिए 4.38 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री रघवुर दास ने गोड्डा जिला में हुई ओलावृष्टि व चक्रवात के कारण हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 4.38 करोड़ रुपये की अनुदान राशि को मंजूरी दी. गोड्डा में 10 मार्च को ओलावृष्टि एवं चक्रवात के फलस्वरूप किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुई क्षति के लिए राज्य सरकार निर्धारित मद व मापदंड के आलोक में किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराती है. गोड्डा में ओलावृष्टि व चक्रवात से हुई क्षति के लिए लगभग 43 गांवों में 21 टीमों का गठन कर सर्वेक्षण कराया गया था. अब तक 100 मकानों की क्षति के लिए 4.10 लाख रुपये व रबी फसलों की क्षति के लिए 4.34 करोड़ रुपये की सहायता के लिए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को कुल 4.38 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गयी है.

लिट्टीपाड़ा में 217 करोड़ की जलापूर्ति योजना का एलान

सीएम ने कहा कि लिट्टीपाड़ा देश के दस सबसे पिछड़े प्रखंडों में एक है, जहां से योजना बनाओ अभियान की शुरुआत हमने की थी. इस प्रखंड के लोगों को मीलों दूर से पानी लाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि बांसलोई नदी से शुद्ध पानी लाने का काम किया जायेगा, जिसका अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होगा. 217 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में ही नहीं, घर-घर तक पानी की सुविधा पहुंचायी जायेगी. कैबिनेट से इस योजना को स्वीकृति मिल गयी है. सीएम ने कहा कि दूषित पानी कुपोषण और बीमारी का कारण बनता है. इसे देखते हुए संताल परगना के हर गांव में पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जायेगा.

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