पदाधिकारी देख रहे तीन जिलों का काम

Published at :25 Jul 2016 5:13 AM (IST)
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पदाधिकारी देख रहे तीन जिलों का काम

जिला उद्यान कार्यालय बदहाल. राष्ट्रीय बागवानी मिशन को कैसे मिलेगी गति दुमका में जिला उद्यान पदाधिकारी के रूप में ओम प्रकाश चौधरी पदस्थापित हैं. उन्हें दुमका के अलावा गिरिडीह, देवघर, साहिबगंज जिले का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है. इसके अलावा वे सहायक निदेशक के भी खाली पड़े पद का कार्य भी संभाल रहे हैं. […]

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जिला उद्यान कार्यालय बदहाल. राष्ट्रीय बागवानी मिशन को कैसे मिलेगी गति

दुमका में जिला उद्यान पदाधिकारी के रूप में ओम प्रकाश चौधरी पदस्थापित हैं. उन्हें दुमका के अलावा गिरिडीह, देवघर, साहिबगंज जिले का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है. इसके अलावा वे सहायक निदेशक के भी खाली पड़े पद का कार्य भी संभाल रहे हैं. कर्मचारियों के अधिकांश पद खाली पड़े हुए हैं. उनकी अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी है.
गिरिडीह, देवघर, साहिबगंज जिले का मिला है अतिरिक्त प्रभार
इसके अलावा सहायक निदेशक के काम भी संभाल रहे
ऑफिस में कर्मचारियों की भी है भारी कमी
दुमका : उद्यान विकसित करने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन जैसी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति दुमका में लगभग शिथिल है. वित्तीय वर्ष 2016-17 के तीन महीने गुजर चुके हैं, अब तक इस वित्तीय वर्ष के लक्ष्य के अनुरूप एक भी काम धरातल पर नहीं उतर पाया है. योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समूह चयन तक ही काम अटका हुआ है. योजनाओं की प्रगति शून्य रहने की वजह भी है. विभाग ने यहां जिस पदाधिकारी को पदस्थापित किया है, उसे एक नहीं तीन जिले का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है. दो जिले तो संताल परगना के हैं,
पर एक जिला इस प्रमंडल से भी बाहर का है. इतना ही नहीं यहां सहायक निदेशक का भी पद सृजित है. वे उसके भी प्रभार में हैं. कार्यालय की स्थिति ऐसी है कि सब्जी प्रसार कार्यकर्ता बड़ा बाबू यानी की कार्यालय के प्रधान लिपिक का सारा काम करते हैं. पदाधिकारी इतने जगह के चार्ज में हैं, सो मुख्यालय में कम ही रहते हैं. लिहाजा कार्यालय में अक्सर सन्नाटा ही दिखता है.
सात सौ हेक्टेयर में बागवानी का लक्ष्य
मिली जानकारी के मुताबिक जिला उद्यान कार्यालय दुमका को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सात सौ हेक्टेयर में फलदार वृक्ष लगाये जाने हैं. इनमें 400 हेक्टेयर में आम, 200 में काजू एवं 100 हेक्टेयर में अमरूद लगाया जाना है.
फूलों की बागवानी को देना है बढ़ावा
राज्य योजना के तहत भी कई तरह की बागवानी को जिले में बढ़ावा दिया जाना है. जिसमें 400 वर्गमीटर में संरक्षित जरबेरा व कारनेशन जैसे फूलों की बागवानी भी एक है. इसके अलावा इतने ही बड़े भू-भाग में अन्य संरक्षित फूल का भी शेडनेट हाउस में उत्पादन होगा. सब्जी व फूल-पौधों का बिचड़ा उत्पादन तथा जैविक खाद उत्पादन इकाई की स्थापना की जायेगी.
जिला उद्यान कार्यालय की स्थिति
पदनाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
जिला उद्यान पदाधिकारी 01 01 00
अनुमंडल उद्यान पदाधिकारी 02 00 02
उद्यान पदाधिकारी 02 00 02
लिपिक 01 00 01
उद्यान सेवक 30 03 27
अनुसेवक 01 01 00
सब्जी प्रसार कार्यकर्ता 10 02 08
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