भारत के महान वीर योद्धा थे बाबू कुंवर सिंह, विजयोत्सव पर याद किए गए सपूत

बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते समाजसेवी गौतम सिंह, महाराणा प्रताप सिंह और अन्य. फोटो: प्रभात खबर
Palamu News: पलामू के पाटन मोड़ में वीर कुंवर सिंह की जयंती विजयोत्सव दिवस के रूप में मनाई गई. कार्यक्रम में लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके साहस व पराक्रम को याद किया. वक्ताओं ने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने और इतिहास से प्रेरणा लेने की अपील की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के पाटन मोड़ में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती को विजयोत्सव दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र “वीर कुंवर सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा. स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत समाजसेवी गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह और समाजसेवी महाराणा प्रताप सिंह समेत अन्य लोगों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया.
युवाओं को महापुरुषों से प्रेरणा लेने की अपील
समाजसेवी गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं को समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह ने जिस अदम्य साहस और पराक्रम के साथ ब्रिटिश सेना का सामना किया, वह आज भी भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. युवाओं को उनके जीवन से सीख लेकर देश और समाज के लिए काम करना चाहिए.
1857 की क्रांति में अद्वितीय योगदान
समाजसेवी महाराणा प्रताप सिंह ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे. 1857 की क्रांति के दौरान उन्होंने लगभग 80 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ असाधारण नेतृत्व और साहस का परिचय दिया. यह अपने आप में एक अद्भुत उदाहरण है, जो आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है.
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की जरूरत
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों के योगदान से अवगत कराना बेहद जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को वीर कुंवर सिंह जैसे महानायकों की वीरता की कहानियां सुनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को याद रख सके.
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मणीकांत सिंह, पप्पू पांडेय, अशोक सिंह, सुधीर सिंह, नागेश्वर सिंह, रंधीर सिंह, पवन सिंह, हरेन्द्र राम, शशिकांत सिंह, अजीत सिंह, गोल्डी सिंह, उपेन्द्र सिंह, सुजीत सिंह, महेंद्र पासवान, संजय सिंह, रणधीर सिंह, त्रिभुवन पाठक, मुन्ना सिंह, रामा सिंह, रामप्रवेश पासवान सहित कई लोग उपस्थित रहे. सभी ने एकजुट होकर वीर कुंवर सिंह के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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