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Published at :29 Oct 2015 9:47 PM (IST)
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ग्रामीणों ने भी कहा गीता सोखा की ही बेटी फोटो: 29 जाम 23,24,25,26 प्रतिक्रिया देते ग्रामीण एवं वार्ड सदस्य, 27 गीता उर्फ मिलोनी किस्कू का घर.प्रतिनिधि, नारायणपुरपाकिस्तान से मिलोनी किस्कू उर्फ गीता के पिता द्वारा नारायणपुर थाना में पुत्री होने का दावा करने के साथ ही बड़ाबेवा गांव समेत पूरे जिले में चर्चा आम हो […]

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ग्रामीणों ने भी कहा गीता सोखा की ही बेटी फोटो: 29 जाम 23,24,25,26 प्रतिक्रिया देते ग्रामीण एवं वार्ड सदस्य, 27 गीता उर्फ मिलोनी किस्कू का घर.प्रतिनिधि, नारायणपुरपाकिस्तान से मिलोनी किस्कू उर्फ गीता के पिता द्वारा नारायणपुर थाना में पुत्री होने का दावा करने के साथ ही बड़ाबेवा गांव समेत पूरे जिले में चर्चा आम हो गयी है. प्रशासन महकमा से लेकर नेतागण भी इस विषय का गंभीरता से ले रहे हैं. प्रभात खबर की टीम ने जब दोबारा गांव के जानेमाने लोगों से बातचीत की तो कई अहम बात छन कर सामने आयी है. लोगों की मानें तो 12 वर्ष बाद खोका किस्कू के पिता को उनकी खोयी हुई पुत्री मिलने वाली है. गांव के लोग अपनी भोली-भाली मिलोनी को आसानी से आज भी पहचान सकते हैं. यह भी गांव वाले दावा कर रहे हैं. साथ ही पिता खोका किस्कू एवं माता लोगोनी सोरेन की आंखें जिला प्रशासन की ओर टकटकी निगाह से देख रही है कि प्रशासन कब उनकी पुत्री से उन्हें मिला दें. उन्हें उम्मीद है की शीघ्र ही उनकी पुत्री पूरे परिवार के साथ होगी.क्या कहते हैं ग्रामीणसुभाष मरांडी ने कहा कि मैं मिलानी को एक नजर पहचान सकता हूं. उसे देखते ही मैं यह बता सकता हूं कि वह मिलोनी है. फोटो में देखने से ही यह प्रतीत होता है की वह मिलोनी ही है. यदि उनके माता- पिता से भेंट हो जाये तो मिलोनी असानी से अपने माता-पिता की पहचान कर सकते हैं.मोलिन्द किस्कू ने कहा की उनकी बेटी एवं मिलोनी किस्कू उर्फ गीता एक साथ गांव में खेलती थी. खेती के दिनों में वह जानवरों की बगाली करती थी. मूक बधिर होने के कारण वह जब मेेरे घर आती थी तो कुछ कह नहीं पाती थी. खाना देने पर असानी से खा लेती थी और वरतन साफ कर लेती थी. उसकी तस्वीर अखबार में देखने के बाद प्रतीत होता है की यह वही नन्ही सी गीता मिलोनी है.लखीन्द्र किस्कू ने कहा मिलोनी हमारे घर आंगन में अक्सर खेलती रहती थी. उसे एक नजर में पहचान सकता हूं. वह अपने माता-पिता को भी असानी से पहचान लेगी. कहा कि गरीबी के कारण हमलोग उस समय अपने पुत्री की खोजबीन नहीं कर सके. कहा जिला प्रशासन इस विषय पर दिलचस्पी लेते हुए एक बिछड़े बच्चे से उसके माता-पिता को मिलाने का कार्य करें.सनातन किस्कू जो बड़ाबेवा गांव के वार्ड सदस्य हैं ने कहा कि अखबार में लगी तसवीर से यह प्रतीत होता है कि गीता ही खोयी मिलोनी है. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया कि वो मिलोनी के माता-पिता से मिलाने में प्रयास करें.क्या है मामला : पाकिस्तान से 15 साल बाद भारत लौटी गीता नारायणपुर थाना क्षेत्र के बड़ाबेवा गांव की रहने वाली है. बुधवार बड़ाबेवा गांव के सोखा किस्कू ने नारायणपुर थाना में आवेदन देकर बताया है कि मूकबधिर गीता उनकी बेटी है. सोखा किस्कू ने बताया कि गीता का मूल नाम बिलोनी किस्कू है, वह 2003 में शाम के वक्त बड़ाबेवा गांव स्थित अपने घर से कहीं चली गयी थी तब उसकी उम्र 13 वर्ष थी, जो फिर लौटकर नहीं आयी. सोखा किस्कू की बड़ी बेटी चांदमुनी ने टीवी पर सामाचार में देखकर गीता को पहचाना तथा इसकी सूचना अपने पिता को दी. गीता उर्फ बिलोनी से मिलने की बेचैनी परिजनों में साफ देखी जा सकती है. सोखा ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है.

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